February 5, 2026
5 Feb 3
  • जठपुरा गांव के पास नहर किनारे अवैध कटान का भंडाफोड़, मौके पर 50-60 गायों के अवशेष मिले।
  • गौसेवकों के पहुंचने पर आरोपी फरार, एक गर्भवती गाय के क्रूर कटान से स्थानीय लोगों में भारी रोष।
  • पुलिस ने गहन जांच का दिया आश्वासन, गौसेवकों ने चेतावनी देते हुए अवैध हड्डा रोड़ी को बंद करने की मांग की।

करनाल: जिले के जठपुरा गांव के पास नहर किनारे घने जंगलों के बीच चल रहे एक संदिग्ध अवैध बूचड़खाने का मामला सामने आया है। गौसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों की गुप्त सूचना पर जब पुलिस और गौसेवा दलों ने मौके पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर सभी दंग रह गए। नहर की पटरी पर सुनसान जगह स्थित इस ठिकाने पर बड़ी संख्या में गौवंश के अवशेष बिखरे हुए मिले, जिससे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।

गौसेवकों के अनुसार, मौके पर करीब 50 से 60 गायों के अवशेष पड़े हुए हैं। सबसे हृदयविदारक स्थिति तब देखने को मिली जब एक गर्भवती गाय का अवशेष मिला, जिसके पेट से अजन्मा बच्चा बाहर निकला हुआ था। गौसेवकों का आरोप है कि यहां केवल गौवंश का ही कटान किया जा रहा है और आरोपियों के पास कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं है। जैसे ही गौसेवकों की टीम वहां पहुंची, वहां मौजूद आरोपी खेतों के रास्ते फरार होने में कामयाब रहे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में घूमने वाली आवारा गायें अचानक गायब हो जाती थीं और अब इस खुलासे के बाद उन्हें अंदेशा है कि उन्हें यहीं लाकर काटा जाता था।

सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस की टीमें और जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौके की भयावहता को देखते हुए गौसेवकों में काफी गुस्सा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध गतिविधि को तुरंत बंद नहीं किया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्वयं बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

प्रशासन ने गौसेवकों को आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी गहनता से जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि क्या वहां कोई वैध हड्डा रोड़ी का काम चल रहा था या फिर यह पूरी तरह अवैध था। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस सुनसान जगह पर चल रहे ऐसे सभी अडवाड़ों को तुरंत बंद किया जाए क्योंकि इनसे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि इलाके में भारी बदबू और गंदगी भी फैल रही है। फिलहाल पुलिस ने गौसेवकों को थाने में बुलाकर औपचारिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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