हरियाणा के करनाल जिले के असंध क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए एक पोते ने ही अपने दादा-दादी की बेरहमी से हत्या कर दी। कल असंध के बीडीपीओ दफ्तर वाली गली में एक बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर में मृत पाए गए थे। शुरुआत में इस घटना को लूटपाट की दृष्टि से देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने महज 6 घंटे के भीतर इस ‘ब्लाइंड डबल मर्डर’ का पर्दाफाश कर दिया।
घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों और गहन छानबीन के बाद पुलिस ने बुजुर्ग दंपत्ति के सगे पोते रविंद्र को गिरफ्तार किया है। रविंद्र, जो अक्सर भगवा वस्त्र पहनकर ‘बाबा’ का चोला ओढ़े रहता था और गौशालाओं में सेवा करता था, ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। आरोपी ने पैसों के लालच और संपत्ति विवाद के चलते अपने दादा-दादी के हाथ-पैर बांध दिए और गला घोंटकर उनकी जान ले ली।
वारदात के बाद आरोपी की शातिरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह खुद घटनास्थल पर पहुँच गया और पुलिस के सामने लूटपाट की मनगढ़ंत कहानी पेश करने लगा ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, सीआईए-असंध और सीआईए-2 करनाल की टीमों ने जब बारीकी से पूछताछ की, तो रविंद्र के बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मृतक दंपत्ति के घर में इस समय मातम छाया हुआ है। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रही हैं कि जिस पोते को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही उनके विनाश का कारण बनेगा। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी बुजुर्गों के साथ छोटी-मोटी चोरी की वारदातें हुई थीं, लेकिन उन्होंने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी जैसे इंतजाम नहीं किए थे, जिसका फायदा आरोपी ने उठाया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी रविंद्र और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया है और अब उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके। इस घटना ने पूरे असंध क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और समाज में नैतिक मूल्यों के पतन पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।