January 15, 2026
13 Jan 18

हरियाणा के करनाल जिले के असंध में कल हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक बुजुर्ग दंपत्ति की उनके ही घर में हुई हत्या का मुख्य सूत्रधार कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उनका अपना सगा पोता निकला। पुलिस ने मुख्य आरोपी रविंद्र और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने लूट की झूठी कहानी रचकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रविंद्र, जो स्वयं को बाबा बताता था और भगवा कपड़े पहनकर गौशालाओं में सेवा करता था, भारी कर्ज में डूबा हुआ था। उस पर लगभग 11 लाख रुपये का बैंक लोन था, जिसकी किस्तें वह नहीं चुका पा रहा था। पैसों की तंगी और संपत्ति के लालच में उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने दादा-दादी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले ही टेप और अन्य सामग्री खरीद ली थी ताकि विरोध करने पर बुजुर्गों का मुंह बंद किया जा सके।

वारदात वाली रात आरोपियों ने घर में घुसकर बुजुर्ग दंपत्ति के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसकर सांस घोंटकर बड़ी बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। शुरू में इसे लूटपाट का मामला दिखाने की कोशिश की गई, जिससे पूरे असंध क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। लोग इस बात से डरे हुए थे कि शहर में कोई ऐसा गैंग सक्रिय हो गया है जो बुजुर्गों को निशाना बना रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-असंध और सीआईए-2 करनाल की दो विशेष टीमें गठित की थीं।

पुलिस को शक तब हुआ जब आरोपी पोता वारदात के बाद वहीं आकर खड़ा हो गया और संदिग्ध बयान देने लगा। इसके बाद पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध मोटरसाइकिल दिखाई दी। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने रविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन कड़ी पूछताछ के दौरान वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह नशे का भी आदी था और वारदात के समय भी उसने नशा कर रखा था।

असंध के डीएसपी गोरखपाल राणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी का मकसद केवल नकदी लूटना नहीं था, बल्कि वह उस जगह पर कब्जा कर मंदिर बनाने और कबाड़ का काम शुरू करने की फिराक में था। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार का कोई अन्य सदस्य भी इस षड्यंत्र में शामिल था या नहीं। 6 घंटे के भीतर इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम की चारों ओर सराहना हो रही है।

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