January 7, 2026
2 Jan 22

करनाल जिला सचिवालय के सामने आज माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और एक पीड़ित परिवार ने पुलिस व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मामला अगस्त 2024 का है, जिसमें असंध हल्के के उपलाना गांव की एक 16 वर्षीय छात्रा, निक्की, ने संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया था। परिवार का आरोप है कि उसकी मौत के लिए उसके स्कूल के प्रिंसिपल और दो महिला शिक्षक सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

मृतक छात्रा के पिता जोगिंदर और अन्य परिजनों ने बताया कि निक्की 11वीं कक्षा में कॉमर्स स्ट्रीम लेकर पढ़ना चाहती थी और बैंक की नौकरी करने का सपना देखती थी। हालांकि, जिस निजी स्कूल (बीपीआर स्कूल) में वह पढ़ती थी, वहां के मालिक तरसेम और दो महिला शिक्षकों—सलोनी और सुषमा—ने उस पर मेडिकल या नॉन-मेडिकल विषय चुनने के लिए भारी दबाव बनाया। आरोप है कि जब छात्रा ने उनकी बात नहीं मानी, तो उसे स्कूल के कार्यालय में बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कक्षा में सबके सामने अपमानित किया गया।

घटना वाले दिन, 8 अगस्त 2024 को स्कूल से लौटने के बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। शुरुआती तौर पर परिवार को लगा कि यह सामान्य मौत है, लेकिन चार दिन बाद छात्रा के स्कूल बैग से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में निक्की ने विस्तार से बताया कि कैसे स्कूल प्रबंधन उसे मजबूर कर रहा था और वह इस प्रताड़ना को और सहन नहीं कर पा रही थी। सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से स्कूल के मालिक तरसेम और दोनों महिला शिक्षकों के नाम दर्ज थे।

परिजनों का कहना है कि सुसाइड नोट मिलने के बाद असंध थाने में एफआईआर तो दर्ज कर ली गई, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच में अत्यधिक ढिलाई बरती। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच के लिए मधुबन लैब और आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट दिल्ली में करवाया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच और पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट में आरोपी दोषी पाए गए हैं, फिर भी डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

आज प्रदर्शन के दौरान छात्रा की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने अपनी बेटी को याद करते हुए कहा कि वह बहुत होनहार थी और कुछ बनना चाहती थी, लेकिन स्कूल वालों ने उसे मार डाला। प्रदर्शनकारियों ने जिला सचिवालय पर धरना देते हुए मांग की है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.