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करनाल शक्ति पुरम निवासी नक्क्ष दुर्घटना से पहले अपने पापा हरीश से 20 रुपए लेकर गया था, पापा को कहकर गया था कि पापा मैं अभी आ रहा हूं चीज लेकर, लेकिन पांच मिनट बाद उसके पापा के पास फोन आया कि उसके बेटे नक्ष्य को एक डंपर ने कुचल दिया, यह सूनते ही उसके पैर तले की जमीन खिस्क गई और वह रोता हुआ दौड़ पड़ा। थोड़ी ही देर में यह सूचना उसके घर पहुंच गई वहां नक्ष्य की मां यह सूनते ही बेहोश हो गई और घर में मातम छा गया। आस-पड़ोस की महिलाएं व पुरूष उनके घर में एकत्रित हो गए। नक्ष्य घर में सभी का लाडला था।

अकेली रहे गई आठ माह की बहन पिहू

शक्तिपुरम निवासी हरीश धोबी का कार्य करता है। उसका एक बेटा चार साल का नक्ष्य नर्सरी कक्षा में पढ़ने जाता था। घर में उसकी एक 8 महीने की बहन पिहू है, जिसके साथ नक्ष्य स्कूल से आने के बाद खेलता था। लेकिन अब उसकी बहन पीहू अकेली रह गई।

ये था मामला

चार साल का नक्ष्य अपने दादा अतर सिंह के साथ दोपहर बाद बाइक पर सवार होकर मार्केट से दूध लेने के लिए जा रहा था। वह बाइक पर अपने दादा को पकड़ कर पीछे बैठा था और अपने दादा के साथ बाते कर रहा था। जैसे ही दादा-पोता कुंजपुरा रोड आरके पुरम गली नंबर चार के समीप पहुंचा तो वहां मिट्‌टी से भरे तेजरफ्तार से आ रहे डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी और नक्ष्य बाइक से उछलकर डंपर के टायर के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

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