October 30, 2026
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  • आयोग ने निपटारे की डेट बढ़ाई

करनाल ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम जुड़वाने, हटवाने और त्रुटियां ठीक करवाने के लिए लाखों आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अब तक नाम जुड़वाने के लिए 4 लाख 49 हजार 813 फॉर्म-6 आवेदन मिले हैं। वहीं, नाम हटवाने और आपत्तियों के लिए 1 लाख 57 हजार 673 फॉर्म-7 तथा मतदाता सूची में संशोधन के लिए 3 लाख 78 हजार 094 फॉर्म-8 प्राप्त हुए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास के अनुसार, पिछले गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं होने और विसंगतियां मिलने पर 44 लाख 92 हजार 696 मतदाताओं को दस्तावेज जमा करवाने के नोटिस जारी किए गए थे।

28 अक्टूबर तक आवेदनों और नोटिसों का निपटान किया जाना था, लेकिन तय समय तक कई आवेदन और नोटिस लंबित थे। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटान की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है।

28 अक्टूबर तक इतने आवेदन लंबित थे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि 28 अक्टूबर तक प्रदेश में कई आवेदन संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों के पास निर्णय के लिए लंबित थे। इसके अलावा सुनवाई के लिए जारी 12,043 नोटिस और फोटो अपडेट के 10,44,080 मामले BLO स्तर पर लंबित थे। वहीं, 33,100 नोटिस तथा फोटो अपडेट के 7,59,024 मामले निर्णय के लिए संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों के पास लंबित थे।

आपत्तियों के निपटान की तारीख बढ़ाई

मतदाताओं की सुविधा और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग से समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।

कार्यालय ने नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटान की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 20 नवंबर करने और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख 6 नवंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर करने की मांग की थी।

भारत निर्वाचन आयोग ने अनुरोध स्वीकार करते हुए नोटिस, दावे और आपत्तियों के निर्णय की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख भी बढ़ाई गई है।

जानिए क्या है फॉर्म-6

फॉर्म-6 के जरिए कोई पात्र भारतीय नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करता है। 18 साल की उम्र पूरी कर चुके और मतदाता बनने के पात्र नागरिक इस फॉर्म को भरकर वोटर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करवाने के लिए इस्तेमाल होता है।

फॉर्म-8: मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता, फोटो और अन्य जानकारियों में संशोधन या सुधार के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

फॉर्म-6 के अतिरिक्त डिक्लेरेशन पर विवाद

SIR के दौरान फॉर्म-6 के साथ जोड़े गए अतिरिक्त डिक्लेरेशन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। इसमें नए मतदाता से पूछा जा रहा है कि उसका नाम या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली बार हुई SIR की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं।

निर्वाचन आयोग का कहना है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR की जरूरत के अनुसार उसके साथ अतिरिक्त डिक्लेरेशन जोड़ा गया है।

वहीं, विपक्ष इस अतिरिक्त जानकारी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में भी याचिकाकर्ताओं ने सवाल किया है कि यदि यह केवल अतिरिक्त घोषणा है तो इसे लागू करने का कानूनी और प्रशासनिक फैसला किसने और किस प्रक्रिया के तहत लिया।

इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने SIR के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली में रैली रखी है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के विरोध में 26 अक्टूबर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू कर रखा है।

 

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