- उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी
- स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत बड़ी पहल
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने करनाल जिला नागरिक अस्पताल में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) मशीनें स्थापित करेगी। यह कार्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शुरू की गई प्रमुख पहल ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन मशीनों के माध्यम से महिलाओं को स्तन कैंसर की जांच और समय पर उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि मैमोग्राफी मशीनें जिला नागरिक अस्पताल पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों की स्थापना से महिलाओं को अपने ही जिले में उन्नत स्तन कैंसर जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी
डॉ. मिश्रा ने कहा कि ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसी वर्ष 29 मई को किया था। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रत्येक मशीन की लागत लगभग 1.18 करोड़ रुपए
इसी कड़ी में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति (एसएचपीपीसी) द्वारा 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मशीन की लागत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। इन मशीनों की स्थापना से राज्य में महिलाओं के लिए कैंसर जांच सेवाओं का दायरा व्यापक होगा तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध हैं। नई मशीनों की स्थापना के बाद राज्य के और अधिक जिलों में स्तन कैंसर की जांच सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर में वृद्धि होगी।