- जापान के गणमान्य जनों को भेंट की गई श्रीमद्भगवद्गीता, जन-जन तक गीता संदेश पहुंचाने का आह्वान
- स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के सान्निध्य में टोक्यो, ओसाका व क्योटो में आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के दौरान भारतीय संस्कृति और सनातन ज्ञान की अमूल्य धरोहर श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में महोत्सव के अंतर्गत गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रेरक मार्गदर्शन में भारतीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मिडोरी नेट नारा जापान के पूर्व चेयरमैन एवं अध्यक्ष नोबुआकी ओकुनो को पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर भारतीय आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराया।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया, हरियाणा सरकार के पर्यटन, उद्योग एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा, पंचकूला के महापौर श्याम लाल बंसल, करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता, करनाल भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गुज्जर, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
इस दौरान गीता के सार्वभौमिक संदेश की सराहना करते हुए नोबुआकी ओकुनो ने कहा कि गीता केवल भारत ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की धरोहर है। उन्होंने गीता ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए इस वैश्विक अभियान को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग और समर्थन देने का विश्वास जताया।
यह महोत्सव विश्व समुदाय तक गीता के शाश्वत संदेश को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है
उल्लेखनीय है कि इन दिनों गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के पावन सान्निध्य में भारत से पहुंचे 160 श्रद्धालुओं का प्रतिनिधिमंडल टोक्यो, ओसाका और क्योटो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता कर रहा है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड एवं जीओ गीता के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव विश्व समुदाय तक गीता के शाश्वत संदेश को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
अपने प्रेरक उद्बोधन में स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व मानवता को जोड़ने का अभियान है। श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश भौगोलिक सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे जाकर मानव जीवन को कर्तव्य, आत्मसंयम, करुणा और विश्व बंधुत्व की दिशा प्रदान करता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब गीता ज्ञान शांति, संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि का सबसे प्रभावी मार्ग प्रस्तुत करता है।
भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि जापान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गीता मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है और ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर और अधिक सशक्त बनाते हैं। उन्होंने इसे करनाल एवं हरियाणा के लिए भी गौरव का विषय बताया।
भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता ने कहा कि गीता का कर्मयोग आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना हजारों वर्ष पूर्व था। स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के नेतृत्व में यह महोत्सव विश्व समुदाय को भारतीय
आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है
वहीं, इससे पूर्व महोत्सव के दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द के नेतृत्व में हरियाणा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने जापान की हाउस ऑफ काउंसिलर्स के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विभाग के महानिदेशक मोरी कोकुदो को भी श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की। मोरी कोकुदो ने कहा कि आध्यात्मिक साहित्य विश्व में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।
इसके अतिरिक्त कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा से भी मुलाकात कर उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला, जापान आयोजन समिति के सदस्य अजय नरूला, विनय तथा हरीश पाल भी उपस्थित रहे। युकियो हातोयामा ने इस वर्ष दिसंबर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान पत्नी सहित कुरुक्षेत्र आने की इच्छा व्यक्त की।
भारत-जापान मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार में गीता महोत्सव का विशेष महत्व है
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि भारत-जापान मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार में गीता महोत्सव का विशेष महत्व है। मॉरीशस, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और इंडोनेशिया के बाद जापान में आयोजित महोत्सव विश्व स्तर पर सांस्कृतिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
दृढ़ होगी भारत-जापान मित्रता
उल्लेखनीय है कि 23 जून तक चलने वाले महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय गीता सेमीनार, योग दिवस कार्यक्रम, गीता यज्ञ, गीता शोभायात्रा, ओसाका में विशेष सांस्कृतिक आयोजन तथा ओटानी यूनिवर्सिटी में गीता आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जापान के राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक जगत की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है, जो गीता के वैश्विक प्रभाव और भारत-जापान मैत्री की नई ऊंचाइयों का प्रतीक है।
I have been associated with the field of journalism for the past 10 years. While working in print media, I understood people’s issues at the grassroots level and conveyed their voices to the authorities. Readers today seek news that is both high-quality and engaging. To meet this need, the ‘Karnal Breaking News’ website will now provide the latest updates—covering national and international affairs, politics, sports, and news specific to Karnal—rapidly on a single platform.