- कोर्ट केस छिपाया तो नहीं मिलेगी एनओसी
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सख्त हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने पासपोर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि बिना पूर्ण जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के कोई भी आवेदन मुख्यालय नहीं भेजा जाएगा।
विभाग को लगातार ऐसे मामले मिल रहे थे जिनमें अधूरे दस्तावेजों और अपूर्ण सूचनाओं के साथ NOC के आवेदन भेजे जा रहे थे। इससे फाइलों के निस्तारण में देरी होने के साथ अनावश्यक पत्राचार भी बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को विस्तृत चेकलिस्ट जारी कर दी है।
पासपोर्ट NOC के लिए अब ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार कर्मचारी को नियुक्ति तिथि, वर्तमान पद का विवरण, दो पासपोर्ट साइज फोटो, विदेश मंत्रालय के निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र, पूर्व में जारी NOC का विवरण, आधार कार्ड और कार्यालय पहचान पत्र की सत्यापित प्रतियां आवेदन के साथ जमा करनी होंगी।
नाम और जन्म तिथि में गड़बड़ी हुई तो आवेदन होगा खारिज
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड, कार्यालय पहचान पत्र और शपथ पत्र में कर्मचारी का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि और पता एक समान होना चाहिए। रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति मिलने पर आवेदन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
जांच, शिकायत या कोर्ट केस छिपाया तो नहीं मिलेगी NOC
उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी अनिवार्य किया है कि कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच, शिकायत, सतर्कता मामला या न्यायालयीन प्रकरण लंबित नहीं होने का प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न किया जाए। इसके अलावा कर्मचारी की सत्यनिष्ठा (इंटीग्रिटी) संबंधी प्रमाण पत्र भी देना होगा।
मुख्यालय ने प्राचार्यों को दी चेतावनी
विभाग ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि चेकलिस्ट के अनुसार पूरी तरह जांचे-परखे आवेदन ही मुख्यालय भेजे जाएं। अधूरे या त्रुटिपूर्ण मामलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से NOC जारी करने की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विवादमुक्त बनेगी।
I have been associated with the field of journalism for the past 10 years. While working in print media, I understood people’s issues at the grassroots level and conveyed their voices to the authorities. Readers today seek news that is both high-quality and engaging. To meet this need, the ‘Karnal Breaking News’ website will now provide the latest updates—covering national and international affairs, politics, sports, and news specific to Karnal—rapidly on a single platform.