- कंपनियों ने ऑटोमेशन लगाया
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : केंद्र सरकार के डीजल पर 200 लीटर तक के प्रतिबंध का असर हरियाणा में पेट्रोल पंप संचालकों पर पड़ रहा है। आदेशों के पालना करने में पेट्रोल पंप संचालकों की नींद उड़ी हुई है। हरियाणा में 200 लीटर से डीजल डालने में अब तक 29 पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई हो चुकी है।
इनमें सबसे ज्यादा नेशनल हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंप है। हालांकि 24 घंटे बाद कंपनी की तरफ से इनके नोजल खोल दिए गए हैं मगर रोजाना ऐसे पंपों के सामने आने के बाद अब कंपनी ने नियम और सख्त कर दिए हैं।
कंपनियों ने पेट्रोल पंप के हर नोजल पर ऑटोमेशन लगा दिया है, इससे पेट्रोल पंप संचालक अब 200 लीटर से ज्यादा तेल नहीं दे पाएंगे। पेट्रोल पंप संचालक इस कार्रवाई को लेकर नाराज हैं, हालांकि अभी तक किसी तरह का विरोध हरियाणा में नहीं देखने को मिला है।
पंप मालिकों को निगरानी करने के आदेश
हरियाणा में सरकारी आदेश के बावजूद कुछ पंपों पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पेट्रोल पंप कंपनियों की निगरानी में यह बात सामने आई है कि आदेश लागू होने के बाद भी पेट्रोल पंपों द्वारा 200 लीटर से अधिक के ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं।
इस गड़बड़ी को रोकने के लिए तेल कंपनियों और प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप डीलरों को सख्त हिदायत जारी की है। डीलरों से कहा गया है कि वे स्वयं रिटेल आउटलेट पर उपस्थित रहें और हर बड़े लेन-देन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी कर्मचारी की ओर से नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसकी अंतिम जिम्मेदारी और जवाबदेही सीधे पेट्रोल पंप डीलर की होगी।
क्या है नई अधिसूचना
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार किसी भी ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचा जा सकता। इसके अलावा 200 लीटर से अधिक डीजल की आपूर्ति केवल पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) से अनुमोदित कंटेनर में ही की जा सकेगी।
कंपनियां खुद मॉनिटरिंग कर रहीं : संजीव चौधरी
हरियाणा पेट्रोलियम वेलफेयर डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने बताया कि हरियाणा में 29 पंपों की नोजल बंद कर दी गई है। हालांकि कंपनियां 24 घंटे में कंपनियां नोजल खोल देती हैं। सरकार को चाहिए कि युद्ध समाप्ति के बाद अब जल्द से जल्द यह फैसला वापस ले लिया जाए। संजीव चौधरी ने बताया कि कंपनियों ने अब खुद ही पंपों पर सख्ती करनी शुरू कर दी और 100 प्रतिशत ऑटोमेशन सिस्टम कर दिया है।