भारतीय किसान यूनियन की मासिक मीटिंग में किसानों की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया

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भारतीय किसान यूनियन की मासिक मीटिंग किसान भवन में हुई जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान स. सुक्खा सिंह ने की। मीटिंग में किसानों की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया और पिछले साल में जो सरकारों द्वारा गतिविधियां की गई उन पर भी चर्चा की गई। किसानों ने पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री द्वारा सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य व कम रेट में बिकी सब्जियों के भरपाई करने की जो बात की है उसके लिए धन्यवाद दिया गया।  और किसानों ने कहा हे कि भरपाई ही नहीं सूखी सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम से कम घोषित किया जाना चाहिए ताकि बाजार में किसानों की सब्जी इस प्रकार से न लूटे जिससे किसान की मेहनत एवं खर्चा भी पूरा न हो और किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच जाए।
मिटिंग में प्रदेश अध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि आज हम भारतीय यूनियन हरियाणा की तरफ से सभी प्रदेश एवं देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं जिसमें पत्रकार भाई, प्रिंट मीडिया, मजदूर, किसान इन सबका कार्य और जिंदगी मंगलमय बनी रहे। आर्य ने कहा है 1993 में निसिंग क्षेत्र में बिजली आंदोलन के दौरान दो किसानों लखपत एवं मामचंद को उस समय की भजनलाल सरकार ने गोलियों से शहीद कर दिया था उनका शहीदी दिवस 7 जनवरी को गांव चूहड़माजरा जिला कैथल में मनाया जायेगा जिसमें सभी किसानों से कहा गया है कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए चूहड़माजरा में पहुंचे। आगे उन्होंने कहा है कि यह लड़ाई किसानों के लिए दुखदायी थी और आज भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बिजली पर फिर दोबारा से किसानों का आंदोलन जोर पकड़ सकता है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा सही समय पर बिजली नहीं दी जाती जब भी सुबह के चार बजते हैं बिजली के कट शुरु कर दिए जाते हैं और उनको पूरी बिजली भी नहीं दी जाती जबकि जगमग योजना एवं मैट्रो लाइन द्वारा कहा गया था कि 22 घंटे बिजली दी जाएगी।
लेकिन यह बिजली 7 से 8 घंटे ही ग्रामीण क्षेत्रों में दी जाती है। दिन में तो बिजली दिखाई भी नहीं देती। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में इस विभाग के प्रति भारी रोष पनप रहा है। क्योंकि इस विभाग ने लोगों को घूस देने के लिए मजबूर किया जाता है। उनके द्वारा चाहे सिक्योरिटी हो, ट्रांसफार्मर जले हुए हो, चोरी हुए ट्रांसफार्मर हो व लाइन ठीक करनी हो। लंबे समय के लिए पीछे धकेल दिया जाता है। ताकि मजबूरी में किसान मजदूर एवं उपभोक्ता उन्हें कुछ घूस दे। यह साफ जतता है कि इस विभाग में अब भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। आज मांग की गई है हरियाणा सरकार इस विभाग से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ऊपर भी शिकंजा कसे ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।
मुख्य मांगे :- 1. ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 7 बजे तक बिजली रहनी चाहिए।
2. फसल बीमा योजना हितकारी नहीं है इसको सही बनाया जाए।
3. किसानों को साठ साल के बाद कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन दी जाए।
4. फसलों के लाभकारी मूल्य दिए जाएं।
इस मिटिंग में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष सेवा सिंह आर्य, राष्ट्रीय उपप्रधान जय कुमार, जिलाध्यक्ष सुखा सिंह लागर, ब्लाक प्रधान चौ. बाबूराम, ब्लाक उपप्रधान सुलतान सिंह, सैक्रेट्री पं. अर्जुन सिंह, निसिंग ब्लाक प्रधान स. मलूक सिंह आदि उपस्थित रहे।
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