CM सिटी करनाल का एक ऐसा सरकारी स्कूल ,जिसमें नहीं है बिजली व पानी ,छोटे छोटे बच्चे शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री जी से लगा रहे गुहार

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शिक्षा मंत्री जी हमारी भी सुनो हमे स्कूल में बिजली व् पानी चाहिए, स्कूल में बिजली न पानी, यही हालात की बयानी, करनाल का एक अनोखा स्कूल जहाँ पर बिजली ना पीने का पानी, गर्मी से बुरा हाल, स्कूल में बिजली का बिल अदा ना होने के कारण बिजली विभाग द्वारा बिजली का कनेक्शन काटा, बिजली कट जाने से स्कूल में पानी व अन्य सुविधाएं बंद !

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ये बंद पंखे और और अंधेरे वाले कमरे और इन कमरों में बैठ कर पढ़ रहे देश का भविष्य, ये तस्वीरे कुछ ख़ास है क्यूंकि ये तस्वीरे प्रदेश सरकार की शिक्षा नीतियों के दावो की पोल खोल रही है !

जहा एक तरफ गर्मी के कहर ने लोगो का जीना मुश्किल कर दिया है वही करनाल का ऐसा सरकारी स्कूल भी जहा पर स्कूली बच्चे बीना बिजली, पानी के पढने को मजबूर है जी हां यह स्कूल है करनाल के गांव फुसगढ़ का राजकीय प्राथमिक पाठशाला और इस पाठशाला यानी की स्कूल को हम अनोखा कहेगे क्यूंकि ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि करीब दो महीने से इस स्कूल में न बिजली है और ना ही पानी, स्कूल का बिजली बिल करीब 45 हजार से ज्यादा हो चुका है और स्कूल उस बिल को भर ना सका जिस कारन बिजली विभाग ने स्कूल का मीटर काट दिया!

इस वजह से स्कूल में पढने वाले बच्चो को काफी परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है, प्यास लगे तो बोतल पानी की घर से भर कर लाओ अगर बोतल खाली हो जाए तो जाकर गाव के किसी घर से पानी मांगो यह बाते आज कल स्कूल के अध्यापक बच्चो को कह रहे अध्यापक भी क्या करे बिचारे कई बार अधिकारियो को इस समस्या के बारे में बताया लेकिन उसके बावजूद भी कोई हल नही हुआ और आलम यह हो गया है की बच्चे अँधेरे कमरे में बीना पंखे चलाये, बीना लाइट के पढने को मजबूर है !

दरअसल इस स्कूल [पाठशाला] का बिल 45 हजार रूपए से ज्यादा हो चूका है लेकिन विभाग की तरफ से 3 हजार रुपए एक साल के दिए जाते है जिस कारण इस बील को भरा ना जा सका और बिजली विभाग के अधिकारी बिजली का मीटर उतार कर ले गए और एक बार भी यह ना सोचा ये छोटे छोटे मासूम आखिर इतनी गर्मी में बीना पंखे के, पानी के व अन्य सुविधाओं के कैसे यहा पढेगे !

दरसल करनाल के गांव फुसगढ़ के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 50 के करीब बच्चे है और पांचवी तक बच्चो की कक्षा यहा लगती है दो अध्यापक पढ़ाने वाले और 5 क्लासे लगती है 2 कमरों में ! जी हां अध्यापको की भी इस स्कूल में कमी है, जहा पर एक कमरे में पहली, दूसरी, तीसरी कक्षा लगती है और एक कमरे में चोथी और पांचवी कक्षा लगती है, मिड डे मिल व्यवस्था भी इससे ख़राब हो चुकी है !

बेहतर शिक्षा व्यवस्था की बात कहने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा जी जरा आप हमारी इस रिपोर्ट को जरूर देखिए और जानिए प्रदेश में ऐसे भी स्कूल है जहाँ पर देश का भविष्य बीना बिजली, पानी के पढ़ता है !

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