April 5, 2026
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  • डिसिप्लिनरी कमेटी ने प्रदेशाध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट
  • हाईकमान से कड़ा एक्शन लेने की सिफारिश

करनाल: ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DAC) ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोट करने वाले पांचों विधायकों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को सौंप दी है। DAC ने अपनी रिपोर्ट ई-मेल के जरिए भेजी। इसमें पांचों विधायकों को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की सिफारिश की गई है।

अब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह इस रिपोर्ट को पार्टी हाईकमान को भेजेंगे। उसके बाद आखिरी फैसला हाईकमान के लेवल से लिया जाएगा। अगर पार्टी इन विधायकों को सस्पेंड करती है तो उस सूरत में ये MLA आगे भी सदन के अंदर पार्टी व्हिप मानने को बाध्य होंगे।

शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई DAC की मीटिंग में इस बात पर गंभीरता से चर्चा हुई थी कि पांचों विधायकों को ऐसी सजा दी जाए कि उन्हें फ्यूचर में सदन के अंदर व्यवहार करने की किसी तरह की खुली छूट न मिल पाए। कोशिश यही रखी जाए कि ये विधायक न इधर के रहें और न उधर के। और अंतत: खुद ही पार्टी छोड़ने को मजबूर हो जाएं।

सुबह 10 बजे दो विधायकों ने वॉट्सएप पर मांगा मौका

नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढौरा विधायक रेनू बाला की ओर से अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक को वॉट्सएप पर टाइप्ड लेटर भेजा गया। जिसमें कोई भी फैसला लेने से पहले व्यक्तिगत पेशी (पर्सनल हियरिंग) का मौका मांगा। जिसे स्वीकार कर लिया गया।

4 बजे दोनों विधायक पहुंचीं मीटिंग में

चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासन समिति की बैठक शुरू होने का समय शाम 4 बजे निर्धारित था। उससे पहले ही शैली चौधरी और रेनू बाला वहां पहुंच गईं। रेनू ने मीडिया से बात किए बगैर अंदर चली गईं, जबकि शैली ने कहा कि उन्हें बुलाया गया था, इसलिए आईं।

10-10 मिनट दोनों को पक्ष रखने का मौका मिला

दोनों विधायकों को कमेटी के साथ बात रखने के लिए 10-10 मिनट मिले। पहले रेनू बाला ने अपनी बात रखी। उन्होंने दोहराया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को ही वोट दिया। उसके बाद शैली चौधरी अंदर गईं, उन्होंने भी यही बात कही। सूत्रों के मुताबिक एक विधायक ने कहा कि उन्होंने CLP भूपेंद्र सिंह हुड्डा को वोट दिखाया था, जबकि दूसरी ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद को वोट दिखाया था।

एक घंटा कमेटी सदस्यों ने आपस में चर्चा की

दोनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद कमेटी ने करीब 1 घंटे तक आपस में चर्चा की। इस दौरान तीनों विधायकों के लिखित जवाबों को पढ़ा गया। सूत्रों के मुताबिक कमेटी इस बात पर एकमत है कि सख्त संदेश दिया जाए, लेकिन टेक्निकल पेचिदगियों पर भी चर्चा हुई। पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास व हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल के शोकॉज नोटिस का जवाब न देने पर प्राइमा-फेसिया माना गया कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की है।

पार्टी से नहीं निकालेंगे, निलंबन का फैसला संभव

पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्रॉस वोटिंग के आरोपी विधायकों को लेकर 2 ही विकल्पों पर चर्चा हुई। निलंबित किया जाए या पार्टी से बाहर निकाला जाए। दोनों ही स्थितियों में MLA की विधानसभा सदस्यता पर खतरा नहीं होगा। निलंबन की स्थिति में पार्टी का व्हिप मान्य होगा, यानी उन्हें सदन में यदि कांग्रेस किसी मामले में व्हिप जारी करती है, तो इन विधायकों का मानना पड़ेगा।

टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराने का मौका देखेंगे

कांग्रेस की मंशा है कि इन विधायकों को किसी तरह टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराया जा सके। यदि पार्टी किसी बिल या प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट करने का व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है और विधायक इसका उल्लंघन करते हैं तो एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है। ऐसे में उनका विधायक पद चला जाता है।

कमेटी ने 4 नेताओं को भी नोटिस भेजा

कमेटी ने 2024 विधानसभा चुनाव में पंचकूला से कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रमोहन के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहने के आरोप में कांग्रेस नेता उपेंद्र वालिया, नरेश रावल, रविंद्र रावल और धनेंद्र वालिया को शोकॉज नोटिस जारी किया है। चारों नेताओं को 7 दिन में जवाब देने को कहा गया है।

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