करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब हरियाणा में भी दिखाई देने लगा है1 कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित ढाबा संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गैस की कमी के कारण कई ढाबों के बंद होने की आशंका जताई जा रही है, वहीं ग्राहकों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है। उत्तर भारत के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एनएच-44 पर इस संकट का सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां हर रोज हजारों वाहन और लाखों यात्री गुजरते हैं।
NH 44 पर किया गया रियलिटी चेक
गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित ढाबों का रियलिटी चेक किया गया। इस दौरान सामने आया कि कई ढाबा संचालकों के पास केवल एक दिन का गैस स्टॉक ही बचा हुआ है। अगर जल्द ही गैस की सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन अपने ढाबे बंद करने पड़ सकते हैं1 ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई थी, लेकिन इस बार हालात बेहद गंभीर हैं और इससे सीधे तौर पर उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है।
ढाबा संचालक विपुल ने बताई गंभीर स्थिति
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर ढाबा चला रहे संचालक विपुल ने बताया कि पिछले दो दिनों में हालात काफी बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि, “दो दिन पहले तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अब हालात काफी खराब हो गए हैं। हमें ब्लैक में भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. हमारे पास सिर्फ आज तक का ही गैस स्टॉक बचा है और कल को लेकर हमें काफी डर लग रहा है कि कहीं गैस खत्म होने की वजह से ढाबा बंद न करना पड़े। पहले जितने ग्राहक आते थे, अब उससे काफी कम लोग आ रहे हैं। लोगों को लगने लगा है कि गैस की कमी के कारण ढाबों में खाने की दिक्कत हो सकती है, इसलिए कई लोग अपनी यात्रा तक टाल रहे हैं।
ग्राहकों की संख्या में भी आई गिरावट
ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस की समस्या के कारण यात्रियों में भी असमंजस की स्थिति बन गई है। कई लोग यह सोचकर ढाबों पर रुकने से बच रहे हैं कि कहीं उन्हें खाना न मिले। इसके चलते ढाबों की आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है। पहले जहां दिनभर ढाबों पर काफी भीड़ रहती थी, वहीं अब कई टेबल खाली दिखाई दे रही हैं।
सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट
एक अन्य ढाबा मैनेजर धीरज कुमार ने बताया कि इस समस्या से सिर्फ ढाबा मालिक ही नहीं बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि, “ढाबे से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है । यहां जो लोग काम करते हैं, उसी से उनके परिवार का गुजारा होता है। लेकिन गैस की समस्या के कारण हमारे सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। ग्राहकों की संख्या कम हो गई है और हमारे पास गैस का स्टॉक भी लगभग खत्म हो चुका है। अगर जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो हमें ढाबा बंद करना पड़ेगा और इससे कई लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
ढाबा संचालकों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कई ढाबे बंद हो सकते हैं। यह मार्ग दिल्ली से चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाला प्रमुख हाईवे है, जहां से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं। ढाबा संचालकों ने सरकार से अपील की है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो न केवल उनका कारोबार ठप हो जाएगा। बल्कि यात्रियों को भी खाने-पीने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।