हरियाणा के करनाल में नेशनल हाईवे पर एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की होली की खुशियों को उम्र भर के मातम में बदल दिया है। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर आईटीआई चौक के समीप एक खराब खड़ी गाड़ी में पीछे से बाइक के टकरा जाने के कारण 19 वर्षीय नौजवान सन्नी की मौके पर ही जान चली गई। इस हादसे में सन्नी के साथ बाइक पर सवार उसका दोस्त सौरभ भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सन्नी करनाल के बुड्ढाखेड़ा गांव का रहने वाला था। सन्नी और उसका दोस्त सौरभ किसी काम से बाइक पर सवार होकर निकले थे। जब वे आईटीआई चौक के पास पहुंचे, तो वहां सड़क किनारे एक गाड़ी खराब हालत में खड़ी थी। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सीधे उस गाड़ी के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने सन्नी को मृत घोषित कर दिया। सौरभ का इलाज वर्तमान में जारी है और उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
हादसे की खबर मिलते ही सन्नी के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल के बाहर सन्नी की माता का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने सिसकते हुए बताया कि उनके मन में सुबह से ही कुछ अनहोनी होने का डर था। जब सन्नी के दोस्त ने उसे फोन करके बुलाया, तो उन्होंने सन्नी को बाहर जाने से मना भी किया था। उन्होंने उसे टोका था कि आज उनका मन नहीं मान रहा है, इसलिए वह घर से बाहर न जाए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सन्नी ने अपनी मां से वादा किया था कि वह महज पांच मिनट में वापस आ जाएगा, लेकिन उसके कुछ ही देर बाद मौत की खबर घर पहुँच गई।
परिजनों के अनुसार, सन्नी अभी महज 19 साल का था और परिवार का लाडला था। घर में होली को लेकर तैयारियां चल रही थीं, लेकिन एक पल की चूक और नेशनल हाईवे पर लापरवाही से खड़ी गाड़ी ने एक नौजवान की जिंदगी छीन ली। सन्नी के रिश्तेदारों का कहना है कि सड़क पर इस तरह खराब गाड़ियों का खड़ा रहना आए दिन बड़े हादसों को न्योता देता है। यदि समय रहते उस गाड़ी को वहां से हटाया गया होता या वहां कोई चेतावनी संकेत होता, तो शायद सन्नी की जान बच सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि दुर्घटना के समय गाड़ी वहां कब से खड़ी थी और इसके पीछे मुख्य लापरवाही किसकी है। यह घटना एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करती है। होली से ठीक पहले बुड्ढाखेड़ा गांव में इस हादसे के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है।