- प्लांट से स्वच्छ ईंधन का उत्पादन व किसानों की आय में हो रही वृद्धि
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : गांव में सफल बायोगैस प्लांट से बदली तस्वीर, ग्राम अंधेरा मेरठ शामली रोड करनाल में स्थित – स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 5.4 TDP स्थापित बायोगैस प्लांट ने सफलता की नई मिसाल कायम की है। इसमें अभी तक का सबसे सर्वाधिक उत्पादन 24 घंटे में 5400 KG कंप्रेस बायोगैस रहा। इस प्लांट के माध्यम से न केवल स्वच्छ ईंधन का उत्पादन हो रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अवशेष के रूप में प्राप्त जैविक खाद खेतों के लिए अत्यंत लाभकारी
यह बायोगैस प्लांट भारत सरकार की नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मदद से सतत (SATAT) योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है। प्लांट में प्रतिदिन गोबर और जैविक अपशिष्ट से बड़ी मात्रा में कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जा रहा है, जिसका प्रयोग गाड़ियों के ईंधन के रूप किया जा रहा है । जो आईओसी एवं गैल इंडिया के सीएनजी पंपों में उपलब्ध है। इसके अलावा अवशेष के रूप में प्राप्त जैविक खाद खेतों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हुई है और मिट्टी की उर्वरता में सुधार देखा गया है।
प्लांट से अतिरिक्त आय अर्जित हो रही
स्थानीय किसानों ने बताया कि पहले गोबर और कृषि अपशिष्ट बेकार चला जाता था, लेकिन अब उसी से अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है। कंपनी के निदेशक गुरजीत सिंह बरारा ने बताया कि इस तरह के बायोगैस प्लांट हरियाणा के सोनीपत में भी स्थापित है और कंपनी BPCL एवं गैल इंडिया के साथ मिल कर भारत के अलग अलग राज्य में स्थापित किया जा रहे है। इसमें BPCL की बीना रिफाइनरी, यमुनानगर नगर , में काम तेजी से चल रहा है। इस समय कंपनी के पास 18 प्रोजेक्ट है जो कि BPCL एवं गैल इंडिया के है ।
बायोगैस प्लांट भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका
कंपनी के सह-संस्थापक एक्स जोत सिंह बरारा का मानना है कि इस तरह के बायोगैस प्लांट भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार भी अन्य जिलों में ऐसे प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। स्थानीय प्रशासन ने इसे स्वच्छ भारत और हरित ऊर्जा अभियान की दिशा में एक सफल पहल बताया है। कंपनी आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य जगह में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है।
7000 घनमीटर कंप्रेस्ड बायोगैस का सर्वाधिक उत्पादन रहा
कंपनी के ऑपरेशन हेड रक्षित नौडियाल के अनुसार, दिनांक 20 फरवरी 2026 में करनाल प्लांट में 24 घंटे में लगभग 13800 घनमीटर बायोगैस गैस का उत्पादन हुआ, इसमें 7000 घनमीटर कंप्रेस्ड बायोगैस का सर्वाधिक उत्पादन रहा। प्लांट 72 घंटों से लगातार ऑपरेशन में है हमारी योजना है लगातार 100 घंटे सर्वाधिक ऑपरेशन करके कंपनी इस क्षेत्र में एक नया रिकॉड कायम करने जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में रणबीर चैटर्जी वाइस प्रेसिडेंट , उज्ज्वल राय , नवीन ए आर, सह वाइस प्रेसिडेंट, जाहिर कपासी , डॉ शिखा दहिया आर एंड डी हेड एवं विकास हुड्डा मैनेजर, विवेक कुमार प्लांट हेड, जिला सिंह, बॉबी कुशवाहा, राजेंद्र कुशवाहा, अमित मैहला, सोहन लाल, कमलप्रीत, मोहित शर्मा, पंकज झा, मनीष , विनीत, अरविंद, विवेक,मोनू एवं अन्य कर्मचारी मौजूद थे।