करनाल जिले का उत्तम नगर इलाका कल उस समय युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया, जब हाथों में तलवारें, गंडासियां, लाठियां और ईंटें लिए लगभग 30 से 40 बदमाशों के एक झुंड ने रिहायशी इलाके पर धावा बोल दिया। यह पूरी घटना दिनदहाड़े अंजाम दी गई, जिससे पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया और लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। बदमाशों ने न केवल हथियारों का प्रदर्शन किया, बल्कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर जमकर गुस्सा उतारा।
घटना की शुरुआत तब हुई जब बदमाशों का यह बड़ा गुट गली नंबर एक में शोर मचाते हुए दाखिल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के बजाय रास्ते में आने वाली हर उस वस्तु को क्षतिग्रस्त कर दिया जो उनके सामने आई। खासकर उन घरों के बाहर खड़ी दोपहिया गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिनके मालिक गरीब और मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। कई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के शीशे और हेडलाइट ईंटों से चकनाचूर कर दिए गए। बदमाशों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने घरों के मुख्य दरवाजों पर भी तलवारों और गंडासियों से वार किए, जिससे दरवाजों पर गहरे निशान पड़ गए।
उत्तम नगर की महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे इस इलाके में अब सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। एक विधवा महिला, जिसकी बेटी की स्कूटी बदमाशों ने तोड़ दी, ने रोते हुए कहा कि वे बड़ी मुश्किल से बैंक की किस्तें भरकर अपना घर और वाहन चला रहे हैं। बदमाशों की इस हरकत ने उन पर आर्थिक बोझ तो डाला ही है, साथ ही मानसिक रूप से भी उन्हें तोड़ दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में नशेड़ियों और आवारा लड़कों का जमावड़ा लगा रहता है, जो शाम ढलते ही सक्रिय हो जाते हैं। बच्चों को ट्यूशन भेजने या शाम को गली में बैठने तक में अब डर लगने लगा है।
हैरानी की बात यह है कि स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब भी पुलिस इन बदमाशों को पकड़ती है, तो स्थानीय राजनीतिक रसूख वाले लोग या कुछ पार्षद (एमसी) थाने पहुँचकर उन्हें छुड़वा लाते हैं। रात को पकड़े गए अपराधी सुबह फिर उसी गली में सीना तानकर घूमते नजर आते हैं, जिससे उनके हौसले और भी बुलंद हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि 112 नंबर पर कॉल करने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है।
इस हमले के पीछे दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है, लेकिन इसकी कीमत उन बेकसूर मोहल्लेवासियों को चुकानी पड़ रही है जिनका इस लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं था। गलियों में बिखरी ईंटें और टूटे हुए वाहनों के पुर्जे इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बदमाशों ने किस स्तर पर पत्थरबाजी और उत्पात मचाया। मोहल्ले के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि अगर जल्द ही इन बदमाशों पर नकेल नहीं कसी गई, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
फिलहाल, थाना सेक्टर-32 की पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हालांकि, उत्तम नगर के लोगों की मांग केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है; वे चाहते हैं कि उनके इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और राजनीतिक हस्तक्षेप को बंद किया जाए ताकि वे चैन की नींद सो सकें। बदमाशों के इस तांडव ने एक बार फिर करनाल की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।