करनाल: डेरा कार सेवा, करनाल में आयोजित एक विशाल ‘पंथक सम्मेलन’ में हरियाणा की सिख संगत ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) के प्रति अपना भारी रोष प्रकट किया। सम्मेलन में करनाल और आसपास के इलाकों से सिख समुदाय के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। इस सम्मेलन का मुख्य एजेंडा निर्वाचित कमेटी के पिछले 13 महीनों के निराशाजनक प्रदर्शन और सदस्यों के बीच बढ़ती आपसी खींचतान पर चर्चा करना था।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगत ने बड़ी उम्मीदों के साथ 40 सदस्यों को विभिन्न वार्डों से चुनकर भेजा था ताकि वे गुरुद्वारों का प्रबंधन सुचारू रूप से चला सकें और सिख धर्म का प्रचार-प्रसार कर सकें। हालांकि, आरोप लगाया गया कि इन 13 महीनों में कमेटी का प्रदर्शन ‘शून्य’ रहा है। सदस्यों के बीच आपसी क्लेश इतना बढ़ गया है कि वे सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के परिवारों पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में सिख समुदाय की छवि धूमिल हो रही है और संगत की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।
सिख नेताओं ने कमेटी के सदस्यों को ‘सरकार के पिछलग्गू’ होने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सदस्य अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करते और गुरु घर की मर्यादा के अनुरूप कार्य नहीं करते, तो संगत उन्हें पद से उतारना भी जानती है। यद्यपि ये सदस्य पांच साल के लिए चुने गए हैं, लेकिन संगत ने संकल्प लिया है कि वे प्रत्येक सदस्य की जवाबदेही तय करेंगे। चेतावनी दी गई कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो संगत सदस्यों के घरों के बाहर टेंट लगाकर प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
सम्मेलन का निचोर यह रहा कि गुरुद्वारों की सेवा-संभाल और सिखी के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। वक्ताओं ने सदस्यों से अपील की कि वे अपने आपसी मन-मुटाव को भुलाकर गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार और कौम की चढ़ती कला के लिए समर्पित हों। संगत ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अब और मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे और कमेटी के कार्यों की निरंतर निगरानी की जाएगी।