करनाल: शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार ‘अल्फा सिटी’ के निवासियों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। पिछले कई वर्षों से कॉलोनी की मुख्य सड़क और आंतरिक रास्तों की खस्ताहाल स्थिति के कारण यहाँ रह रहे लगभग 400 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बुधवार को जिला नगर योजनाकार (DTP) ने अल्फा सिटी का दौरा किया और स्थानीय निवासियों से मिलकर उनकी ज्वलंत समस्याओं को सुना।
अल्फा सिटी की मुख्य सड़क का हाल यह है कि प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम गेट तक केवल गहरे गड्ढे ही नजर आते हैं। निवासियों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि बुजुर्गों और बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल हो रहे हैं। निवासियों ने व्यंग्य करते हुए यहाँ तक कहा कि सड़कों की हालत देखकर अब उनके रिश्तेदार और मेहमान भी घर आने से कतराते हैं।
निरीक्षण के दौरान आरडब्ल्यूए (RWA) के सदस्यों ने डीटीपी के समक्ष कई गंभीर मुद्दे रखे। उन्होंने बताया कि बिल्डर को नियमतः कंप्लीशन मिलने के 5 साल बाद तक सड़कों का रखरखाव करना होता है, लेकिन यहाँ कोई सुध लेने वाला नहीं है। सड़कों के अलावा, कम्युनिटी सेंटर का रखरखाव, एसटीपी (STP) के मुद्दे, पार्कों की बदहाली और रात के समय स्ट्रीट लाइट्स न जलना भी प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं। निवासियों ने बिल्डर और सरकार दोनों के खिलाफ अपना रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे लंबे समय से सीएम विंडो और अन्य प्रशासनिक मंचों पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
डीटीपी ने कुछ बिंदुओं पर निरीक्षण किया और बिल्डर को भी अपनी बात रखने के लिए बुलाया। हालांकि, किसी अन्य बैठक में व्यस्तता के कारण निरीक्षण अधूरा रह गया, जिसके लिए निवासियों को कल दोबारा मिलने का समय दिया गया है। कॉलोनी के सेक्रेटरी और अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस बार मामले को गंभीरता से लेगा और सड़कों के निर्माण के लिए तुरंत आदेश जारी करेगा। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे।