करनाल: हरियाणा के करनाल शहर में आधुनिक बुनियादी ढांचे के नाम पर बनाया जा रहा ‘सिंगल पिलर फ्लाईओवर’ वर्तमान में शहरवासियों के लिए गले की फांस बन गया है। निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार और कुप्रबंधन ने न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है, बल्कि व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। शहर के मध्य भाग में चल रहे इस निर्माण कार्य के कारण पुरानी सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया है, जिससे सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं।
करनाल के पुराने बस स्टैंड के पिछले हिस्से और एनडीआरआई (NDRI) रोड की स्थिति अत्यंत दयनीय है। फ्लाईओवर निर्माण के चलते रूट डायवर्ट किए जाने के कारण सभी रोडवेज बसें और भारी वाहन अब रिहायशी और कम चौड़ी सड़कों से गुजर रहे हैं। परिणाम स्वरूप, इन सड़कों पर एक-एक फुट गहरे गड्ढे बन गए हैं। सड़कों से उखड़ती बजरी दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि प्रशासन ने कई बार ‘पैच वर्क’ तो किया, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
व्यापारियों का दर्द इस निर्माण कार्य के साथ और अधिक बढ़ गया है। रेलवे रोड और घंटाघर क्षेत्र के व्यापारियों का मानना है कि निर्माण कार्य के कारण रास्तों के बंद होने और अत्यधिक धूल-मिट्टी से ग्राहकों ने बाजार का रुख करना छोड़ दिया है। उनका कहना है कि जितना आर्थिक नुकसान उन्हें कोरोना महामारी के दौरान नहीं हुआ, उससे कहीं अधिक नुकसान इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की वजह से हो रहा है। इसके अलावा, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी भी देखी जा रही है; न तो मजदूरों के पास हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण हैं और न ही पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है।
आम जनता और स्थानीय व्यापारियों ने सरकार व स्थानीय विधायक से हम्बल रिक्वेस्ट की है कि इस प्रोजेक्ट को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। सड़कों की तत्काल मरम्मत और धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी के छिड़काव की मांग की जा रही है। शहरवासियों का सवाल है कि क्या इस तरह के प्रोजेक्ट जनता की सुविधा के लिए हैं या उनकी मुसीबतें बढ़ाने के लिए? प्रशासन की निष्क्रियता और बड़े प्रोजेक्ट्स को सफल बनाने में विफलता अब करनाल की जनता के सब्र का इम्तिहान ले रही है।