हरियाणा के समालखा में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। एक मिठाई की दुकान पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन बदमाशों ने इलाके में दहशत फैलाने और दुकानदारों से फिरौती वसूलने के उद्देश्य से फायरिंग की थी।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने तीन अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपियों को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड के दौरान पुलिस टीम इन बदमाशों को उसी बाजार में लेकर पहुंची जहां इन्होंने गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया था। घटनास्थल पर मौका मुआयना और निशादेही के दौरान वहां भारी संख्या में स्थानीय लोगों और दुकानदारों की भीड़ जमा हो गई।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जनता के मन से अपराधियों का डर निकालना और यह संदेश देना है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्ती से काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान स्थानीय व्यापारियों और आम जनता से बातचीत की। उन्होंने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि किसी भी अपराधी से डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पुलिस पूरी तरह से उनके सहयोग के लिए तत्पर है।
पुलिस जांच में अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन बदमाशों के पीछे किस गैंग का हाथ है या इनका कोई बड़ा सरगना कौन है। पुलिस का कहना है कि गहन पूछताछ जारी है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का भी खुलासा किया जाएगा। आरोपियों को सरेबाजार ले जाने की इस कार्रवाई से अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश गया है कि शहर की शांति भंग करने वालों के साथ पुलिस कोई रियायत नहीं बरतेगी।