हरियाणा के करनाल में पिछले दिनों एक स्वर्ण व्यापारी के साथ हुई सनसनीखेज लूट की वारदात के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन का पुलिस रिमांड सोमवार को समाप्त हो गया, जिसके बाद सीआईए-वन (CIA-1) शाखा की टीम ने उन्हें चिकित्सा परीक्षण के उपरांत न्यायालय में पेश किया।
वारदात का विवरण देते हुए जांच अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 3 जनवरी की रात को करनाल के सेक्टर 16 में घटित हुई थी। लुटेरों ने सोना पिघलाने का काम करने वाले एक व्यापारी को निशाना बनाया था और उसे चोट पहुंचाकर भारी मात्रा में सोना और नकदी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अन्य तीन आरोपियों को वारदात की गहराई से जांच और बरामदगी के लिए चार दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी बरामदगी करने में सफलता प्राप्त की है। अब तक की जांच में आरोपियों के पास से 1240 ग्राम सोना बरामद किया जा चुका है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही नकदी की बरामदगी में भी प्रगति हुई है। पीड़ित व्यापारी ने शुरुआत में करीब 10 से 12 लाख रुपये की लूट की बात कही थी। पुलिस ने पहले दो लाख रुपये बरामद किए थे, जबकि रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर 4 लाख रुपये और बरामद किए गए हैं। इस प्रकार कुल 6 लाख रुपये की नकदी अब तक पुलिस के कब्जे में है।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि लूट की गई शेष राशि आरोपियों ने विभिन्न मदों में खर्च कर दी थी। पुलिस टीम अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस वारदात में इनके अलावा कोई अन्य बाहरी व्यक्ति भी शामिल था। हालांकि, अभी तक की जांच में किसी अन्य साथी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
सीआईए-वन शाखा के अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त हथियारों और लूट के माल के वितरण के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने अब तक की गई रिकवरी और जांच की प्रगति से न्यायालय को अवगत कराया। यदि आवश्यकता हुई तो पुलिस आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की मांग कर सकती है, अन्यथा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा। करनाल पुलिस की इस कार्रवाई से व्यापारियों में सुरक्षा का भाव जागा है, वहीं अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में भी इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।