July 21, 2026
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  • वांगचुक बोले- अस्पताल में कैद हूं, अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं 

करनाल ब्रेकिंग न्यूज :  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च निकालेगी। जंतर-मंतर पर करीब 10 हजार समर्थक जुटे हैं। सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।

उधर, 22 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने कहा कि वे तीन शर्तों पर अनशन खत्म करेंगे। पहली- सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी ले। दूसरी- CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने दिया जाए और सांसद मुद्दा उठाने का भरोसा दें। तीसरा- स्वास्थ्य कारणों से ऐसा संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें।

वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि उन्हें अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है, जहां उनकी आवाजाही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।

CJP प्रदर्शन से जुड़े आज के 5 बड़े अपडेट्स…

  • करीब 10 हजार लोग जंतर मंतर और इसके आसपास जुट चुके हैं।
  • पुलिस ने एंट्री और एग्जिट दोनों पॉइंट पर 3 लेयर की बैरिकेडिंग की है।
  • जहां भी बैरिकेडिंग तोड़ी गई थी वहां पुलिस ने फिर से बैरिकेड लगा दिए हैं।
  • RAF और दिल्ली पुलिस की टीम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात की गई हैं।
  • CJP मंच से शांति पूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की जा रही है।

संसद मार्च से पहले वांगचुक का सोशल मीडिया पोस्ट, अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं

सोनम वांगचुक ने संसद मार्च से पहले सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया और अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं। वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई को अपना अनशन तभी खत्म करेंगे, जब इनमें से कोई एक शर्त पूरी होगी।

वांगचुक ने कहा कि उनकी पहली शर्त है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी, वे और CJP का प्रतिनिधिमंडल संसद तक पहुंचे और वहां सांसद और विभिन्न दलों के नेता भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

तीसरी, अगर स्वास्थ्य या किसी अन्य वजह से वांगचुक संसद नहीं जा सके, तो अलग-अलग दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें। वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से रोका गया है, जहां उनकी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता पर पाबंदी है।

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