September 22, 2026
21 sep 14
  • हर गांव में 5 सदस्यीय कमेटी बनाने की अपील

करनाल बेक्रिंग न्यूज : करनाल जिले के सभी ग्राम सचिव अपनी मांगों को लेकर एडीसी से मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार पहचान पत्र के डाटा सत्यापन को लेकर जिले के ग्राम सचिवों ने अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिलाधिकारी से प्रत्येक गांव में कम से कम पांच सदस्यों की कमेटी गठित करने की मांग की है। ग्राम सचिवों का कहना है कि सभी परिवारों और उनके सदस्यों की जानकारी का मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करने के लिए पर्याप्त समय और अलग-अलग विभागों की विशेषज्ञता जरूरी है।

5 सितंबर के आदेश के बाद उठाया मुद्दा

ग्राम सचिवों ने अतिरिक्त उपायुक्त को दिए पत्र में बताया कि परिवार पहचान पत्र के डाटा के सत्यापन के लिए विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के आदेश कार्यालय से प्राप्त हुए हैं। इसके तहत ग्राम सभा में परिवार पहचान पत्र के डाटा का सत्यापन किया जाना है।

आय और संपत्ति की करनी है जांच

ग्राम सचिवों के अनुसार आय के सत्यापन के लिए कई मापकों की जांच आवश्यक है। गांव के सभी परिवारों और सदस्यों का विवरण, व्यवसाय, संपत्ति व परिसंपत्तियों का सत्यापन, संपत्ति का प्रकार, उपलब्ध संसाधनों का विवरण और आय से जुड़ी पूरी जानकारी मौके पर जाकर जांचनी होगी। उनका कहना है कि केवल परिवार के सदस्यों से पूछताछ के आधार पर आय का सही सत्यापन करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा के साथ-साथ ग्राम सचिवों के लिए अलग से सर्वेक्षण और प्रत्येक परिवार का भौतिक सत्यापन करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। इसके लिए काफी समय की जरूरत होगी।

अलग-अलग विभागों की विशेषज्ञता जरूरी

ग्राम सचिवों ने पत्र में कहा कि आय का सत्यापन कर प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकार राजस्व विभाग के पास है। वहीं, भौतिक जांच से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी सीआरआईडी के कर्मचारियों को है। इसलिए इस काम को केवल ग्राम सचिवों के स्तर पर पूरा करना उचित नहीं होगा।

कमेटी के गठन का दिया सुझाव ग्राम सचिवों ने मांग की कि प्रत्येक गांव में कम से कम पांच सदस्यों की कमेटी गठित की जाए। कमेटी परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के साथ उसका सत्यापन करे। इसके बाद सत्यापित डाटा ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित और व्यावहारिक तरीके से पूरी हो सके। समस्त ग्राम सचिव, जिला करनाल ने पत्र के माध्यम से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर व्यावहारिक समाधान करने का अनुरोध किया है।

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