करनाल जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है। हाल ही में घोषित हुए जेईई (JEE) मेन्स के परिणामों ने शहर की जोश एकेडमी को सफलता के नए शिखर पर पहुँचा दिया है। महज़ तीन साल के अल्प समय में इस एकेडमी ने न केवल अपना नाम स्थापित किया है, बल्कि परिणामों के मामले में करनाल की सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं की सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। एकेडमी के परिसर में सफलता का शोर स्पष्ट रूप से सुनाई दे रहा है, जहाँ 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने 90 परसेंटाइल से ऊपर अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इस बार के परिणामों में प्रिशा और चैतन्य नामक छात्रों ने 99.1 परसेंटाइल हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। एकेडमी के कुल चार छात्रों ने 99 परसेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर आयोजित भव्य समारोह में छात्र, शिक्षक और अभिभावक सभी उत्साह से लबरेज नज़र आए। एकेडमी के निदेशकों ने सभी मेधावी छात्रों को मिठाई खिलाकर और फूलों की मालाओं से उनका स्वागत कर इस जीत का जश्न मनाया।
छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के निरंतर सहयोग और माता-पिता के अटूट विश्वास को दिया। टॉपर प्रिशा ने बताया कि जोश एकेडमी के शिक्षकों ने कभी भी उन्हें निराश नहीं होने दिया और उनके हर छोटे-बड़े संदेह को दूर करने में पूरी मेहनत की। वहीं चैतन्य ने साझा किया कि यहाँ का शैक्षणिक वातावरण बहुत ही अनुकूल है, जहाँ शिक्षक केवल एक मेंटर के रूप में नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं।
जोश एकेडमी की सबसे बड़ी विशेषता इसका 24×7 संदेह निवारण (Doubt Solving) तंत्र है। अभिभावकों ने बताया कि अन्य कोचिंग संस्थानों के विपरीत, यहाँ छात्र शाम के 7-8 बजे तक भी रुककर अपने सवाल पूछ सकते हैं। चैतन्य के दादा-दादी और माता-पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षकों का सहयोग इतना अधिक है कि वे सुबह जल्दी या देर रात को भी छात्रों के फोन पर उनके संदेह दूर करने के लिए उपलब्ध रहते हैं।
एकेडमी के निदेशक करण सर, जो स्वयं आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) के पूर्व छात्र हैं, ने बताया कि उनका विज़न केवल छात्रों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें भावनात्मक और मानसिक रूप से भी तैयार करना है। उन्होंने कहा कि 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान छात्र अक्सर तनाव और असफलता के डर से घिर जाते हैं, ऐसे समय में उनके साथ खड़े रहना ही एक सच्चे शिक्षक का धर्म है। एकेडमी के एक अन्य निदेशक रवि शंकर सर ने बताया कि वे प्रत्येक छात्र की विषयवार मॉनिटरिंग करते हैं ताकि किसी भी कमजोर कड़ी को समय रहते सुधारा जा सके।
इस सफलता की कड़ी में एक और बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। ‘सुपर 30’ (Super 30) फेम आनंद कुमार, जिनकी जीवनी पर बॉलीवुड फ़िल्म भी बन चुकी है, आगामी 15 मार्च को जोश एकेडमी का दौरा करेंगे। वे यहाँ पहुँचकर छात्रों को जेईई एडवांस की तैयारी के विशेष टिप्स देंगे। अच्छी बात यह है कि यह सत्र केवल एकेडमी के छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि करनाल के सभी छात्रों के लिए खुला रहेगा ताकि वे भी आनंद सर के अनुभवों का लाभ उठा सकें।
निदेशकों ने उन छात्रों को भी सांत्वना दी जो इस प्रयास में अपनी उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं ला सके। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा जीवन का अंत नहीं है और जोश एकेडमी ऐसे सभी छात्रों के लिए निःशुल्क परामर्श और सहायता के लिए हमेशा तैयार है। एकेडमी का उद्देश्य हर छात्र को उसके वर्तमान स्तर से ऊपर उठाकर देश के बेहतरीन कॉलेजों तक पहुँचाना है। इस शानदार परिणाम ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही दिशा और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।