October 20, 2026
19 oct 12
  • चंडीगढ़ के बागवानी अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र का नगर निगम की टीम ने किया निरीक्षण, वैज्ञानिक निस्तारण की संभावनाओं का लिया जायजा
  • बागवानी कचरे का उचित निस्तारण, पर्यावरण संरक्षण और निगम की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर- सलोनी  शर्मा

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : शहर से निकलने वाले बागवानी कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उसे उपयोगी संसाधन में बदलने के उद्देश्य से नगर निगम करनाल ने पहल शुरू की है। नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम की टीम ने नगर निगम चंडीगढ़ के बागवानी अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, विभिन्न प्रसंस्करण इकाईयों और बागवानी कचरे के निस्तारण से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण टीम में मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा, बागवानी शाखा के सहायक अभियंता मनीष अग्रवाल तथा कनिष्ठ अभियंता मुनीश लालर शामिल रहे। टीम ने चंडीगढ़ नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के साथ संयंत्र के प्रत्येक सेक्शन का दौरा किया और बागवानी अपशिष्ट के संग्रहण से लेकर उसके प्रसंस्करण एवं उपयोग तक की व्यवस्था को समझा।

बागवानी कचरे को बनाया जाएगा उपयोगी संसाधन
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि नगर निगम करनाल बागवानी कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए प्रभावी योजना तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य शहर से निकलने वाले सूखे पत्तों, घास, टहनियों और अन्य बागवानी अपशिष्ट का उचित प्रबंधन करते हुए उसे उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करना है। इसके तहत वेस्ट टू वेल्थ (कचरे से धन) की अवधारणा को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बागवानी कचरे का उचित प्रबंधन होने से खुले में इसके ढेर लगने और सूखे पत्तों को आग लगाने जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इससे वायु प्रदूषण कम करने, पर्यावरण संरक्षण तथा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहायता मिलेगी। साथ ही, प्रसंस्करण के माध्यम से उपयोगी उत्पाद तैयार होने पर नगर निगम के लिए आय अर्जित करने की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं।

चंडीगढ़ संयंत्र की कार्यप्रणाली का किया अध्ययन
निरीक्षण के दौरान नगर निगम की टीम ने चंडीगढ़ के संयंत्र में बागवानी अपशिष्ट के प्रसंस्करण से संबंधित विभिन्न चरणों की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा कर संयंत्र के संचालन, उपलब्ध व्यवस्थाओं और कचरे के बेहतर उपयोग से जुड़े पहलुओं को समझा गया।
नगर निगम करनाल का उद्देश्य इस निरीक्षण से प्राप्त जानकारी और अनुभव के आधार पर शहर की आवश्यकताओं के अनुरूप बागवानी कचरे के निस्तारण की व्यवहारिक योजना तैयार करना है। इससे बागवानी अपशिष्ट के व्यवस्थित प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

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