October 8, 2026
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  • जिनकी होगी अब नीलामी, जानिए पंचकूला के इन्वेस्टमेंट स्कैम की कहानी
  • ₹8 करोड़ के ऑनलाइन निवेश घोटाले में मुख्य आरोपी

करनाल। कभी कढ़ी-छोले और चावल की रेहड़ी लगाने वाला करनाल निवासी राजेश उर्फ नाना अब पंचकूला साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आए ₹8 करोड़ से ज्यादा के कथित ऑनलाइन निवेश घोटाले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, 2019 तक रेहड़ी लगाने वाले राजेश ने कथित तौर पर फर्जी निवेश ऐप और क्रिप्टो स्कीमों के जरिए लोगों को निवेश के नाम पर जोड़ना शुरू किया। जांच में उसके आलीशान फार्महाउस और महंगी गाड़ियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क ने Bloom Drive, LPNT Cryptocurrency, MSVP (Meta Soil Verse Plan), SOIL VERSE और Mechai FX जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच दिया। आरोप है कि ऐप पर निवेश की रकम बढ़ी हुई दिखाकर लोगों को और पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था।

7500 के निवेश से शुरू हुआ सफर

जांच के अनुसार, राजेश को उसके दोस्त प्रमोद कंबोज ने ‘ब्लूम कंपनी’ नाम के पोर्टल से जोड़ा था। राजेश ने कथित तौर पर शुरुआत में करीब ₹7,500 निवेश किए। कंपनी बंद होने के बाद उसने दूसरी स्कीम में करीब ₹2 लाख लगाए और इसके बाद नेटवर्क से जुड़कर नए निवेशकों को जोड़ने लगा।

पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़, मोहाली समेत कई शहरों में सेमिनार आयोजित किए जाते थे। ज्यादा लोगों को नेटवर्क से जोड़ने के बाद राजेश को कथित तौर पर कंपनी में ‘सीनियर प्रोजेक्ट हेड’ की जिम्मेदारी दी गई।

रेहड़ी से लग्जरी कारों तक पहुंचा मामला

राजेश ने कथित तौर पर दावा किया था कि कंपनी की ओर से उसे मर्सिडीज सी-क्लास गिफ्ट की गई और उसने कम समय में करीब ₹2 करोड़ कमाए। पुलिस की कार्रवाई में मर्सिडीज के अलावा ऑडी Q3, ऑडी Q5, BMW, आईफोन और मैकबुक समेत अन्य सामान जब्त किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस ने कथित घोटाले से जुड़े वाहनों को नीलाम कर पीड़ितों के नुकसान की भरपाई करने के लिए अदालत में अर्जी देने की बात कही है।

6 महीने में पैसा डबल का कथित खेल

पुलिस जांच के मुताबिक, निवेशकों को कम समय में बड़ी कमाई का लालच दिया जाता था। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर ₹30 लाख के निवेश को छह महीने में ₹68 लाख तक बढ़ा हुआ दिखाया जाता था।

निवेशकों को कथित तौर पर दुबई में फ्लैट और प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया जाता था। जब निवेशक पैसा निकालने की कोशिश करते, तो उन्हें रकम दूसरी क्रिप्टो या निवेश योजना में ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था।

महंगी कारों और आलीशान जीवनशैली के जरिए भी कथित तौर पर निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश की जाती थी।

ठेकेदार अशोक भी कथित तौर पर फंसे

मामले में ठेकेदार अशोक का नाम भी सामने आया है। उनके मुताबिक, शुरुआत में आरोपियों ने पंचकूला के एक बड़े होटल में कंपनी के अधिकारियों के साथ सेमिनार आयोजित किया। वहां आरोपियों की महंगी कारें देखकर उन्हें कंपनी पर भरोसा हुआ।

अशोक ने कथित तौर पर 2021 में शुरुआती निवेश के बाद बैंक से लोन लेकर करीब ₹3.5 लाख निवेश किए। बाद में उन्होंने अपने भाइयों और रिश्तेदारों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा।

अशोक के अनुसार, उन्हें खुद करीब ₹60 लाख का नुकसान हुआ, जबकि उनके जरिए जुड़े लोगों की कुल रकम करीब ₹7 से ₹8 करोड़ तक बताई जा रही है।

दुबई से जुड़े बताए जा रहे तार

पुलिस जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले में रविंद्र बांगड़, सतीश मोखरा, देवेंद्र बांगड़, करमजीत, बी.एस. रंधावा और हैप्पी शेख समेत अन्य संदिग्धों के नाम बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ संदिग्ध विदेश जा चुके हैं। रविंद्र बांगड़ और हैप्पी शेख के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस की जांच अभी जारी है। मामले में आरोप साबित होना अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

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