- रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करेगी सरकार
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में लंबे समय से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के बाद 16 मांगों पर सहमति बन गई है। सबसे अहम फैसला यह है कि सरकार सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करेगी। इसके साथ ही कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान पर भी सहमति बनी है।
हड़ताल खत्म होने के बाद अब सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे। सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत फैसलों और सहमति के बिंदुओं की जानकारी जल्द दी जाएगी।
सीएम नायब सैनी खुद करेंगे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
सफाई कर्मचारियों की मांगों पर बनी सहमति की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी कुछ देर में प्रेस वार्ता करेंगे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सफाई कर्मचारी नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें हड़ताल खत्म करने और सरकार के साथ बनी सहमति की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
एक महीने से ज्यादा समय से चल रहा था आंदोलन
सफाई कर्मचारियों का आंदोलन 6 अगस्त से शुरू हुआ था और लगातार लंबा खिंचता गया। हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और जगह-जगह कचरा जमा होने की स्थिति बनी। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद नियमितीकरण समेत कुछ प्रमुख मांगों पर गतिरोध बना हुआ था।
हाल के दिनों में सरकार की ओर से कई मांगों को स्वीकार किए जाने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में भी कहा था कि सरकार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है और 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं।
नियमित भर्ती सबसे बड़ा मुद्दा
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में सबसे प्रमुख मुद्दा नौकरी की सुरक्षा और नियमित रोजगार रहा। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से काम करने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी अस्थायी या संविदा व्यवस्था में काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांग थी कि खाली पड़े नियमित पदों को भरा जाए और उन्हें स्थायी रोजगार का लाभ मिले।
सरकार ने इससे पहले 13,093 नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम-2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक फैसला भी किया था। इसमें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा समेत कई लाभों का प्रस्ताव था, लेकिन कर्मचारी इसे नियमित नौकरी का विकल्प मानने को तैयार नहीं थे।
I have been associated with the field of journalism for the past 10 years. While working in print media, I understood people’s issues at the grassroots level and conveyed their voices to the authorities. Readers today seek news that is both high-quality and engaging. To meet this need, the ‘Karnal Breaking News’ website will now provide the latest updates—covering national and international affairs, politics, sports, and news specific to Karnal—rapidly on a single platform.