September 10, 2026
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  •  चोरों में मचा हड़कंप

करनाल ब्रेकिंग न्यूज :  इंस्पेक्टर रोहताश को करीब दो साल बाद एक बार फिर करनाल सीआईए-1 की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। इससे पहले भी रोहताश लंबे समय तक सब-इंस्पेक्टर रहते हुए एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वाहन चोरी से जुड़े सैकड़ों मामलों को सुलझाने के साथ-साथ बड़ी संख्या में चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की थीं और वाहन चोरी करने वाले कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था।

रोहताश की दोबारा एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड में तैनाती की खबर से वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस महकमे में उनकी पहचान वाहन चोरी के मामलों की जांच और आरोपियों तक पहुंचने में माहिर अधिकारी के तौर पर रही है। पुराने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वाहन चोरी के कई ऐसे मामलों का खुलासा किया था, जिनमें पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई थी।

सब-इंस्पेक्टर रहते लंबे समय तक संभाली जिम्मेदारी

इंस्पेक्टर रोहताश इससे पहले कई वर्षों तक सब-इंस्पेक्टर के पद पर एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड के इंचार्ज रहे। उस दौरान उन्होंने वाहन चोरी के मामलों में लगातार कार्रवाई करते हुए कई गिरोहों का पर्दाफाश किया। उनके नेतृत्व में टीम ने चोरी की मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की बरामदगी के साथ आरोपियों की धरपकड़ की।

बताया जाता है कि उनके पुराने कार्यकाल में वाहन चोरी से जुड़े सैकड़ों मामलों को सुलझाया गया। बड़ी संख्या में चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं और वाहन चोरी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी कार्रवाई के चलते वाहन चोरी करने वाले कई अपराधियों पर लगातार पुलिस का दबाव बना रहा।

इंस्पेक्टर बनने के बाद हुआ दूसरे जिले में तबादला

सब-इंस्पेक्टर के रूप में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड में प्रभावी काम करने के बाद रोहताश को इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली। प्रमोशन के बाद उनका दूसरे जिले में तबादला हो गया था। इस कारण वह करनाल की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड से अलग हो गए थे।

करीब दो साल बाद अब प्रमोशन के बाद वह दोबारा करनाल लौटे हैं और उन्हें सीआईए-1 की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की कमान सौंपी गई है। जिम्मेदारी संभालने के साथ ही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना और पुराने मामलों में फरार आरोपियों की तलाश करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

पुराने अनुभव का मिलेगा फायदा

एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड में पहले लंबे समय तक काम करने के कारण इंस्पेक्टर रोहताश को करनाल में सक्रिय वाहन चोरों, चोरी के पैटर्न और अपराध के तरीकों की अच्छी जानकारी है। यही अनुभव अब पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

करनाल और आसपास के क्षेत्रों में बाइक चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी रहती हैं। ऐसे में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की कमान एक अनुभवी अधिकारी को मिलने से वाहन चोरी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की उम्मीद है।

चोरों पर फिर कसेगा शिकंजा

रोहताश के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस को उम्मीद है कि उनकी अगुवाई में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड वाहन चोरी के गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करेगी। खासकर चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी और चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने पर टीम का फोकस रहेगा।

इंस्पेक्टर रोहताश के दोबारा कमान संभालने के बाद वाहन चोरी में सक्रिय अपराधियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस टीम अब पुराने रिकॉर्ड खंगालने के साथ-साथ नए मामलों में भी तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच को मजबूत करेगी।

रोहताश की वापसी को करनाल पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड के लिए अहम माना जा रहा है। उनके पुराने अनुभव और वाहन चोरी के मामलों को सुलझाने की विशेषज्ञता का फायदा टीम को मिलने की उम्मीद है।

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