July 26, 2026
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करनाल ब्रेकिंग न्यूज : शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक के लिए उन्हें दोषी बताकर जंतर-मंतर पर 36 वें दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। आंदोलनकारियों का कहना था कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम में वह नहीं मानेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान ने खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी।

CJP बोली- कॉकरोच की जीत हुई

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का रिएक्शन आया है। पार्टी की तरफ से पोस्ट करके कहा गया कि कॉकरोच की जीत हुई। पार्टी पिछले 36 वें दिन से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रधान के इस्तीफे के लिए यहां भूख हड़ताल की।

कल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त हुए थे

शुक्रवार रात NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए गए थे। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की बात भी कही गई।

अधिकारियों के मुताबिक NTA में सुधार के लिए जल्द ही और एक्शन लिए जाएंगे। एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला था।

अधिकारियों के अनुसार, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा और संस्था में तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। इसके अलावा ऐसा टेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जा सके, जिसमें पेपर लीक की गुंजाइश न हो।

NTA 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल्स नियुक्त करेगा।

क्या है नीट पेपर लीक मामला, अब तक 13 अरेस्ट

3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई। इस दौरान देश भर में कई छात्रों ने सुसाइड किया।

पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक अनशन किया और संसद में सांसद हंगामा कर रहे हैं।

फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है।

 

मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट

1. जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।

2. कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।

3. NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।

4. ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।

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