- राष्ट्रपति बोले- शुक्रिया
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। ये ट्रम्प की राष्ट्रपति रहते हुए दूसरी भारत यात्रा हो सकती है। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
रूबियो से पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘हम PM मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।
हैदराबाद में ट्रम्प के नाम पर सड़क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास की सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू’ रखे जाने पर भारत का धन्यवाद किया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “भारत के हैदराबाद में नया डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू। इस तरह सम्मानित होने वाला मैं पहला अमेरिकी राष्ट्रपति हूं। धन्यवाद!
ट्रम्प के भारत दौरे पर टैरिफ, डिफेंस और AI पर बातचीत संभव
ट्रेड डील और टैरिफ
दोनों देश एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के बेहद करीब हैं। ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को कम करने पर सीधी बात हो सकती है।
डिफेंस और मिलिट्री डील
‘इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट’ के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य ताकत बढ़ाने और अत्याधुनिक हथियार बनाने की तकनीक शेयर करने पर फैसला हो सकता है।
भविष्य की टेक्नोलॉजी (AI)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने के लिए दोनों नेता मिलकर काम करने की रणनीति तैयार हो सकती है।
वैश्विक सुरक्षा और शांति
मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने और वैश्विक तनाव के बीच दोनों देशों के सुरक्षा हितों की रक्षा करने पर अहम चर्चा हो सकती है।
भारत-अमेरिका के बीच ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार
भारत और अमेरिका के बीच साल 2025 में ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का सामान एक्सपोर्ट किया। वहीं अमेरिका से भारत ने लगभग ₹4.6 लाख करोड़ का सामान इंपोर्ट किया।
भारत-अमेरिका में मुश्किलें क्या हैं?
भारत-अमेरिका में फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी। इसका मकसद लंबे समय से अटके व्यापारिक मुद्दों को सुलझाना था।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के कुछ टैरिफ को अवैध बता दिया। इसके बाद साफ नहीं हो रहा था कि कौन से टैरिफ लागू रहेंगे, कौन से नहीं। इसका असर अमेरिका-भारत के व्यापार समझौते पर पड़ा। अब तक अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो पाया है।
भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय वस्त्र, जेम्स-एंड-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ कम करे। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों, डेयरी सामान, शराब, मेडिकल उपकरणों और डिजिटल कंपनियों के लिए और ज्यादा खोले।
सबसे बड़ा विवाद कृषि क्षेत्र को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि उसके मक्का, सोयाबीन, बादाम, सेब और दूसरे कृषि उत्पादों को भारत में ज्यादा पहुंच मिले। लेकिन भारत को डर है कि इससे भारत के करोड़ों किसानों पर असर पड़ सकता है।
डेयरी सेक्टर भी एक बड़ी बाधा है। अमेरिका भारत में मांसाहारी गायों का दूध और उससे बने प्रोडक्ट बेचना चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है।
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