- टोल से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए 350 रुपए का मासिक पास प्रस्तावित होगा
- बिना रुके कटेगा टोल, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर चालान
करनाल ब्रेकिंग न्यूज :
करनाल का बसताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला टोल बनने जा रहा है, जहां 23 जून से मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू होगा। इसके लागू होते ही वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने, लाइन में लगने या बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहन सामान्य गति से सीधे टोल क्षेत्र से गुजरेंगे और फास्टैग के जरिए टोल राशि अपने आप कट जाएगी।
इससे समय और ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और सफर पहले से अधिक आसान व तेज हो जाएगा। हालांकि, इस नई व्यवस्था के साथ टोल भुगतान, फास्टैग, जुर्माना, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर चालान, लोकल पास और कर्मचारियों के रोजगार से जुड़े कई नियम भी बदल जाएंगे।
टोल मैनेजर मुकेश कुमार से बातचीत के आधार पर MLFF सिस्टम से जुड़े हर सवाल के बारे में जानकारी दी ।
MLFF सिस्टम क्या है?
MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है। इसमें टोल प्लाजा पर कोई गेट या बैरियर नहीं होता। सड़क के ऊपर लगी गैंट्री पर कैमरे और सेंसर वाहन की नंबर प्लेट पढ़ते हैं और फास्टैग स्कैन कर टोल राशि अपने आप काट लेते हैं।
बसताड़ा टोल पर क्या बदल जाएगा?
MLFF लागू होने के बाद टोल बूथ और बैरियर हट जाएंगे। वाहन बिना रुके सीधे टोल क्षेत्र से गुजरेंगे और टोल अपने आप कट जाएगा।
वाहन चालकों को क्या फायदा होगा?
वाहन चालकों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा। जाम और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, साथ ही प्रदूषण भी कम होगा।
टोल राशि कैसे कटेगी?
वाहन के गुजरते ही फास्टैग स्कैन होगा और टोल राशि सीधे खाते से कट जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक होगी।
टोल पर कौन-कौन सी तकनीक काम करेगी?
टोल प्लाजा पर एडवांस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी कैमरे, आरएफआईडी रीडर, लाइडार सेंसर और एक्सल डिटेक्टर लगाए गए हैं। ये वाहन की पहचान, उसकी श्रेणी और मूवमेंट को ट्रैक करेंगे।
क्या वाहन की स्पीड कम करनी पड़ेगी?
नहीं। इस सिस्टम में वाहन चालकों को स्पीड कम करने की जरूरत नहीं होगी। ट्रायल के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया है।
अगर फास्टैग नहीं होगा तो क्या होगा?
यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं है, तो कैमरे नंबर प्लेट के आधार पर वाहन की पहचान करेंगे और वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।
अगर फास्टैग में बैलेंस नहीं होगा तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में भी ई-नोटिस जारी किया जाएगा। वाहन मालिक को निर्धारित समय के भीतर टोल राशि जमा करनी होगी।
ई-नोटिस मिलने के बाद कितना समय मिलेगा?
ई-नोटिस जारी होने के बाद वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा।
72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो क्या होगा?
समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करने पर टोल राशि दोगुनी हो सकती है। साथ ही अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
क्या नकद भुगतान का विकल्प रहेगा?
नहीं, इस व्यवस्था में नकद भुगतान की सुविधा नहीं होगी। भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही करना होगा।
टोल चोरी कैसे रुकेगी?
हर वाहन की नंबर प्लेट रिकॉर्ड होगी और डिजिटल सिस्टम से उसका मिलान किया जाएगा। भुगतान नहीं होने पर तुरंत ई-नोटिस या चालान जारी होगा। इससे टोल चोरी पर काफी हद तक रोक लगेगी।
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने पर क्या होगा?
यदि कोई वाहन चालक नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करता है या बिना नंबर प्लेट के वाहन लेकर गुजरता है, तो सिस्टम उसे पहचान लेगा। इसकी सूचना संबंधित विभाग को भेजी जाएगी और आरटीओ के माध्यम से चालान किया जाएगा।
टोल का बकाया लंबे समय तक रहा तो क्या होगा?
लंबे समय तक भुगतान नहीं करने पर फास्टैग ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा वाहन से जुड़ी अन्य सरकारी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों को क्या सुविधा मिलेगी?
टोल से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए 350 रुपए का मासिक पास प्रस्तावित है।
लोकल पास में क्या सुविधा मिलेगी?
यह पास पूरे कैलेंडर महीने के लिए मान्य होगा और इसमें अनलिमिटेड ट्रिप की सुविधा मिलेगी।
क्या लोकल पास सभी वाहनों पर लागू होगा?
नहीं। यह सुविधा केवल निजी (प्राइवेट) वाहनों के लिए होगी। कॉमर्शियल वाहन इसके दायरे में नहीं आएंगे।
किन वाहनों को टोल में छूट मिलेगी?
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकार द्वारा अधिकृत वाहनों को छूट मिलेगी। इन्हें ई-नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।
फास्टैग को लेकर क्या सावधानी रखनी होगी?
फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए। इसे वाहन के शीशे पर सही तरीके से लगाना जरूरी है। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि फास्टैग ब्लैकलिस्ट न हो।
टोल कर्मचारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद टोल बूथ पर कर्मचारियों की जरूरत काफी कम हो जाएगी। एक टोल प्लाजा पर काम करने वाले करीब 200 से 250 कर्मचारियों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।
सिस्टम लागू होने के बाद टोल पर कौन काम करेगा?
MLFF लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर मुख्य रूप से सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी ही रहेंगे।