June 6, 2026
30 may 11
  • तीनों सेनाएं अगले युद्ध के लिए 24 घंटे तैयारी कर रहीं, अभी सिर्फ संघर्ष विराम

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल केवल संघर्षविराम जैसी स्थिति है। अगर जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत उकसावे पर कैसे जवाब देता है। कैडेट्स अपने सैन्य करियर की शुरुआत से ही इसे बनाए रखें।

आर्मी चीफ पुणे के खड़कवासला में शनिवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) का 150वीं पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर उन्होंने 355 कैडेट अफसरों की परेड की सलामी ली।

इस दौरान कैडेट्स ने मार्च पास्ट किया। फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया।

सेना प्रमुख के नए अफसरों को मैसेज

मॉर्डन वॉरफेयर पूरी तरह पारदर्शी हो गया है। 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, ऑपरेशन और बॉर्डर एरिया में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी जीता जा सकता है जब देश के लोग सूचना देने वाले संस्थानों पर भरोसा करें। जिस देश के नागरिक और संस्थाएं एक-दूसरे पर विश्वास करती हैं, वह देश हमेशा मजबूत स्थिति में रहता है।
जब युद्ध की गति बहुत तेज हो रही हो, तो संसाधनों के दायरे में रहकर एडीशनल हेल्प की जरूरत पड़ती है ताकि तेजी से फैसले ले सकें। बहुत सारी तकनीकों और संसाधनों को संभालने के लिए, ऑटोमेशन की जरूरत होती है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसमें बहुत अहम रोल निभाता है।
अगले 2-3 साल में शुरू हो सकता है सेना का थिएटर कमांड सिस्टम

थिएटर कमांड व्यवस्था पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि थिएटराइजेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इससे जुड़ी पूरी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है। इसका अलग-अलग लेवल पर रिव्यू भी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में सेना, नौसेना और वायुसेना चीफ अपनी-अपनी सेनाओं की तैयारी और संसाधनों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि थिएटर कमांडर जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन देखेंगे।

सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि अगले 2 से 3 साल में यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर लागू होती दिखाई दे सकती है, इसके लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख हितों का ध्यान रखा जाए।

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