- सत्यापन नहीं करने पर कार्रवाई, इंद्री और नीलोखेड़ी ब्लॉक के कर्मचारी शामिल
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों का सत्यापन नहीं करने पर जिला परिषद के सीईओ ने सख्त कदम उठाते हुए 9 ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आया कि कई गांवों में आवेदन तो लिए गए, लेकिन उनका समय पर सत्यापन नहीं किया गया। इस लापरवाही के कारण पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाया। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सीईओ ने जारी किए सख्त आदेश
जिला परिषद के सीईओ अमित कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान सभी ग्राम सचिव संबंधित कार्यालय से जुड़े रहेंगे और बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही सभी के खिलाफ अलग से आरोप पत्र भी जारी किया जाएगा।
इंद्री और नीलोखेड़ी ब्लॉक के कर्मचारी शामिल
निलंबित किए गए ग्राम सचिवों में इंद्री ब्लॉक और नीलोखेड़ी ब्लॉक के कर्मचारी शामिल हैं। इंद्री ब्लॉक के स्वर्ण माजरा गांव के ग्राम सचिव अमित कुमार को सस्पेंड किया गया है। वहीं नीलोखेड़ी ब्लॉक के डबरथला गांव के ग्राम सचिव अमित, जांबा गांव के ग्राम सचिव सुनील कुमार, कोयर गांव के ग्राम सचिव जितेंद्र कुमार, शामगढ़ गांव के ग्राम सचिव नरेश कुमार, सिद्धपुर गांव के ग्राम सचिव मंगतराम, सुलतानपुर गांव के ग्राम सचिव अमित अहलावत सहित कुल 9 ग्राम सचिवों पर कार्रवाई हुई है।
क्या है लाडो लक्ष्मी योजना
लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा सरकार की एक सामाजिक कल्याण योजना है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों और महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने नकद राशि दी जाती है, जिससे वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर केंद्रित है। इससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके, लेकिन लापरवाही के कारण कई जगह इसका लाभ प्रभावित हो रहा है।