November 7, 2026
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  • नकली इंजेक्शन और बीपी की दवा बनाने वाला गिरोह पकड़ा

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 2,389 दवाओं के सैंपल लिए गए। इनमें से 2,189 की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें 11 सैंपल सब-स्टैंडर्ड (तय गुणवत्ता से कम) पाए गए।

नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ 64 मामलों में FIR दर्ज कराई गई है। वहीं, अदालत में चल रहे 15 मामलों का फैसला आया है। इनमें 8 मामलों में सजा हुई, जबकि 7 में आरोपी बरी हुए। फिलहाल 462 मामले अदालतों में लंबित हैं।

नकली इंजेक्शन के 70 लाख के स्टॉक पर कार्रवाई

एफडीए की टीम ने अप्रैल 2026 में करीब 70 लाख रुपए कीमत के नकली वजन घटाने और डायबिटीज नियंत्रित करने वाले मौनजारो इंजेक्शन जब्त किए थे। इसके बाद जुलाई में एफडीए गुरुग्राम की टीम ने बीपी की नकली दवा टेल्मा-एएम बनाने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। वहीं, 28 जुलाई को एफडीए फरीदाबाद की टीम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल की बड़ी खेप भी जब्त की।

पुलिस के साथ 376 जगह संयुक्त छापेमारी

दवा और स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए पुलिस और एफडीए अधिकारियों ने मिलकर 376 जगह छापेमारी की। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 2 और एमटीपी एक्ट के तहत 4 एफआईआर दर्ज की गईं।

दवा कारोबार के लिए जारी किए 2695 लाइसेंस

स्वास्थ्य विभाग ने दवा कारोबार और निर्माण की गुणवत्ता सुधारने के लिए 2,675 रिटेल और होलसेल लाइसेंस जारी किए। इसके अलावा 20 मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी दिए गए। 14 चिकित्सा संस्थानों को मान्यता दी गई और 2 दवा निर्माण इकाइयों को डब्ल्यूएचओ-जीएमपी स्तर पर अपग्रेड किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री बोलीं- गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

वहीं, इस कार्रवाई पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बाजार में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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