स्वयं सहायता समूह और धार्मिक संस्थाओं से नगर निगम का आह्वान जागो और जगाओ, अपने शहर को स्वच्छ बनाओ

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दुकानदार होशियार। दुकान के आगे गंदगी पाए जाने पर ग्राहक सामान खरीदने से इनकार कर सकता है। ऐसा अवसर ना देखना पड़े, इसके लिए सतर्क रहने में ही समझदारी है। नगर निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी के निर्देशानुसार बुधवार को स्थानीय पंचायत भवन के हाल में एकत्रित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी करीब 200 महिलाओ ने शपथ लेते हुए कहा कि वे स्वयं और अपने सम्पर्क में आने वाली महिलाओं को इस बात के लिए संकल्पित करेंगी कि जिस दुकान के आगे कचरा या गंदगी दिखे, वहां से खरीदारी ना करें। यही नहीं अपने शहर की खातिर ऐसे दुकानदार को यह एहसास भी कराएं कि दुकान के आगे गंदगी की वजह से वे दूसरी दुकान से सामान खरीदेंगे। यह भी शपथ ली कि जिस रेहड़ी के आस-पास भी गंदगी होगी, वहां से भी सब्जी व फल नहीं खरीदेंगे।
शपथ दिलाने से पहले निगम के डी.एम.सी. रोहताश बिशनोई व ई.ओ. धरीज कुमार ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की जानकारी होने बारे महिलाओं से संवाद किया। पढ़ी लिखी महिलाओं ने हाथ उठाकर कहा कि उन्हे सर्वेक्षण बारे अच्छी तरह से मालूम है, लेकिन कुछ कम पढ़ी लिखी महिलाओं ने जानकारी को लेकर अन्भिज्ञता जताई। अधिकारियों ने ऐसी महिलाओं को पहले बड़ी सरल भाषा में समझाया और फिर बताया कि चालू मास जनवरी में ही भारत सरकार की टीम करनाल आएगी। शहर की साफ-सफाई और स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर जनता से सवाल पूछेगी, ऐसे सवाल किसी से भी पूछे जा सकते हैं। सवालों के सही जवाब दिए तो नम्बर मिलेंगे, गलत बताया तो नम्बर कटेंगे। समझाया कि जिस तरह से एक सास जब किसी रिश्तेदारी में होकर घर वापिस आती है और घर साफ-सुथरा पाए जाने पर बहु की तारीफ करती है और गंदा पाए जाने पर उसे टोकती है। ठीक इसी तरह टीम के अधिकारियों को करनाल में सफाई मिली, तो उसके अच्छे नम्बर देगें और गंदगी मिली तो नम्बर कटेंगे।
 अधिकारियों ने टीम द्वारा पूछे जाने वाले उन 6 सवालोंकी भी जानकारी दी। बताया कि क्या आप जानते हैं:-
1. करनाल शहर स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में भाग ले रहा है।
2. हमारा शहर पिछले साल की तुलना में अधिक साफ है।
3. हमने इस वर्ष नगर निगम द्वारा लगाए गए डस्टबीन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
4. हमारे घरों से सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके लिया जा रहा है।
5. हमारे शहर में पिछले साल से ज्यादा संख्या में शौचालय बने हैं, जिससे खुले में पेशाब करने व खुले में शौच करने की समस्या बंद हो गई है।
6. सार्वजनिक शौचालय अब साफ रहते हैं तथा आसानी से उपलब्ध हैं।
 सवालों की जानकारी देने के बाद कहा गया कि उक्त सवाल पूछे जाने पर सभी ने सही उत्तर देना है। अधिकारियों ने इस बैठक के माध्यम से शहर के सभी नागरिकों से भी अपने शहर की खातिर इन सवालों के उत्तर हां में देने का आह्वान किया।
 इससे पूर्व दोनो अधिकारियों ने विकास सदन के सभागार में शहर की धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से एक मिटिंग कर उन्हे भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की जानकारी दी। ज्ञात रहे कि इससे पूर्व भी निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी की अध्यक्षता में धार्मिक संस्थाओं के साथ स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 को लेकर बैठकें हो चुकी हैं। आज की  बैठक में निगम के डी.एम.सी. व ई.ओ. ने प्रतिनिधियों से कहा कि मन्दिर आस्था के स्थल हैं और ऐसी जगहों पर सबसे ज्यादा ध्यान स्वच्छता पर ही दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि मन्दिर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को नित्य समझाया जाए, कि वे अपने घर, परिसर व शहर को साफ-सुथरा रखे। अच्छा रहेगा कि भगवान को याद करने के साथ-साथ प्रात: सांय जय स्वच्छता भी बोला जाए। क्योंकि स्वच्छता को ईश्वर का दूसरा नाम दिया गया है।
बैठक में शिव शंकर मन्दिर राम नगर, शिव मन्दिर ब्रह्म नगर, सनातन धर्म मन्दिर राम नगर, सनातन धर्म मन्दिर कुंजपुरा रोड़, श्रीराम मन्दिर सैक्टर-8, गौरी शंकर मन्दिर चौड़ा बाजार, आर्य समाज मन्दिर न्यू रमेश नगर, श्रीकृष्ण मन्दिर सैक्टर-14, शिरड़ी साई बाबा आस्था संस्था ट्रस्ट सैक्टर-7 तथा शिव मन्दिर जुण्डला गेट के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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