करनाल नगर निगम में हुए No Dues Certificate घोटाले के 2 आरोपी गिरफ्तार , जमीन की रजिस्टरी के लिए फर्जी आईडी जरनरेट कर फर्जी NDC जारी कर घोटाले को देते थे अंजाम ,देखें पूरी खबर

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  • करनाल नगर निगम में हुए No Dues Certificate घोटाले के 2 आरोपी गिरफ्तार
  • जमीन की रजिस्टरी के लिए फर्जी आईडी जरनरेट कर फर्जी NDC जारी कर घोटाले को देते थे अंजाम ,देखें पूरी खबर
  • आरोपी वैध कलोनी के नाम पर अवैध कलोनी की जमीन की एनडीसी करते थे जारी
  • रिमांड के दौरान कर्मचारी व अधिकारियों के नाम आ सकते है सामने

14.02.2021 को निशा शर्मा कार्यकारी अधिकारी नगर निगम, करनाल द्वारा नामपता ना मालूम व्यक्ति द्वारा अवैध कॉलोनी की टेम्पररी यूनिक आईडी तैयार करके रजिस्टरी करवाने हेतु एन डी सी (No Dues Certificate) जारी करवाने बारे शिकायत दी गई थी। जिस सबंधं में अज्ञात आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाईन जिला करनाल में मुकदमा नम्बर 73 दिनांक 14.02.2021 धारा 420,467,120बी आईपीसी, 65,66सी,66ई आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की आगामी तफतीश आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 05 मार्च 2021 को दो आरोपीयों 1. अमित पुत्र राजेश वासी प्रेम नगर करनाल व 2. राजीव पुत्र भूपेंदर सिंह वासी गांधी नगर करनाल को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को दिनांक 06 मार्च को पेश अदालत किया जाकर दो दिन का रिमाण्ड हासिल किया गया।

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जांच में पाया गया कि डीयूएलबी पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए सिटिजन के द्वारा दिये गये मोबाईल नम्बर पर एक ओटीपी आता है। उस ओटीपी के माध्यम से पोर्टल में लॉग इन किया जा सकता है। जांच के लिए लिये गये रिकार्ड के अनुसार पाया गया कि मोबाईल नम्बर 99999-99990 नगर निगम कार्यालय के कर्मचारी के द्वारा ही बदला गया था ना कि पोर्टल को हैक करके बदला गया था।

डीयूएलबी पोर्टल पर किसी अनधिकृत कॉलोनी का एरिया सेलेक्ट पर साफ्टवेयर आगे प्रोसीड नही करता है। साफ्टवेयर केवल वैध कॉलोनी का एरिया डालने पर ही आगे प्रोसीड करता है। आरोपी अमित को इस बात की जानकारी थी। अमित के पास अपने तीन अटल सेवा केंद्र हैं।

जोकि अटल सेवा केंद्र होने के कारण डीड राईटर अमित को जानते थे और अमित अटल सेवा केंद्र के कामों के कारण उनके पास आता-जाता रहता था। अमित डीड राईटरों को नगर निगम में अपनी अच्छी जानकारी होने व काम को जल्दी करवाने की कहता था।

टेम्परेरी प्रॉपर्टी आईडी की आवश्कता रजिस्टरी करवाते समय टोकन नम्बर लेने के लिए भी चाहिए होती है। जब कोई डीड राईटर, खरीददार या कोई जमीन बेचने वाला रजिस्टरी करवाने के लिए आता था और टेम्परेरी आईडी ना होने के कारण डीड राईटर या खरीददार या बेचने वाला संबंधित डिटेल अमित को दे देते थे। अमित अपनी मर्जी से किसी भी वैध एरिया की टेम्परेरी आईडी बनाकर अवैध एरिया के लिए डीड राईटर, खरीददार या बेचने वाले को भेज देता था।

अमित ने पोर्टल पर आवेदित कॉलोनी का आवेदन को अनुमोदित कराने के लिए नगर निगम करनाल में लगे कर्मचारी राजीव से सम्पर्क किया हुआ था और उससे कहा हुआ था कि जब भी उसकी कोई एप्लीकेसन आये तो उसे तुरन्त अनुमोदित कर देना। जिसके लिए अमित राजीव को पैसे देता था।

अमित ने पोर्टल के जरिये टेम्परेरी आईडी जनरेट कर पैसे कमाने का रास्ता बना रखा था। जांच में 23 रजिस्ट्रियां ऐसी पाई गई हैं जिसमें एनडीसी किसी कालोनी की जारी की गई है और रजिस्ट्री किसी अन्य कालोनी की कराई गई है। आरोपियों को कल दिनांक 08.03.2021 को पेश अदालत किया जायेगा। मामले की प्रभावी व निष्पक्ष जांच जारी है।





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