करनाल पहुँचे प्रदेश के कृषि मंत्री ओ.पी. धनखड़

0
Advertisement

प्रदेश के किसान उठाए फूड हाई-वे ऑफ इंडिया का लाभ–बिचौलियों की बजाए किसान सीधे करें मार्किटिंग का कार्य:- करनाल पहुँचे प्रदेश के कृषि मंत्री ओ.पी. धनखड़ का ब्यान ,कृषि मंत्री ने करनाल में स्तीथ उद्यान प्रशिक्षण संस्थान उचानी में महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की उद्यान गोष्ठी एवं वैकल्पिक कार्यालय का किया उद्घाटन ।

प्रदेश के किसानों को फूड हाई-वे ऑफ इंडिया का लाभ उठाना चाहिए, यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत राज्य के किसान चंडीगढ़ से दिल्ली मार्ग पर अपनी फूड कोर्ट लगाकर अपना उत्पादन बेहतर तरीके  से बेच सकते है,चूंकि इस हाई-वे पर फूड कोर्ट का कारोबार भली-भांति फल-फूल रहा है !मोटे तौर पर कहा जाए तो हाई-वे 2000 करोड़ रूपये का सालाना बाजार होता है,जिसमें से एक तिहाई सब्जियों का है ! यह बात हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने आज करनाल के उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की उद्यान गोष्ठी एवं वैकल्पिक कार्यालय का उद्घाटन करने के उपरान्त  किसानों को सम्बोधित करते हुए कही !

Advertisement


कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश की सरकार निरंतर किसानों को प्रोत्साहित कर रही है और इस दिशा मेें काफी हद तक सफलता भी मिली है ! किसान फसलों के विविधिकरण की ओर निरंतर बढ़ रहे है, उन्होंने कहा कि करनाल के अंजनथली में बनने वाला बागवानी विश्वविद्यालय बहुत ही तेजी से बनाया जाएगा और इसमें बहुत ही तेजी से ऐसे विद्यार्थी तैयार किये जाएंगे जो न केवल देश में बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बागवानी के क्षेत्र में नये अध्यायों का सूत्रपात करेंगे !

उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन तरफ से हरियाणा लगता है और हरियाणा के किसान फलों,फूलों और सब्जियों की खेती करके अपना ताजा माल बेच सकते है ! वर्तमान दौर में बड़ी-बड़ी मंडियों में अब ऐसी व्यवस्था हो गई है कि किसान एक साथ प्रोसेसिंग माल और ताजा माल बेच सकते है ! ऐसा करने के लिए किसानों को जागरूक होने की जरूरत है, उन्होंने मौके पर उपस्थित बागवानी निदेशक डा०अर्जुन सैनी को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश में एक ऐसी व्यवस्था हो जिसके तहत हर घर में निम्बू का पेड़ हो ! इसके साथ-साथ ऐसी व्यवस्था की भी जरूरत है,जिसमें किन्नू के बाग लगे और उन बागों में किन्नू के फल अपने आप पक कर गिरने के बाद उनको बेचा जाए ! ऐसे फलों की विदेशों में काफी मांग है, उन्होंने किसानों को कहा कि वे अपने उत्पाद को बेचने के लिए सीधा सम्पर्क करें,बिचौलियों पर निर्भर न रहे ! चूंकि किसानों की आय का काफी हिस्सा तो बिचौलिये ही ले जाते है !

कृषि मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन साल के कार्यकाल में कौशल विकास के साथ-साथ देश के लिए ऐसे प्रेरक और अनुकरणीय काम किये है,जो 30 वर्षो में भी नहीं हुए !

Advertisement


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.