करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। छह घंटे चली इस मीटिंग में 27 एजेंडे रखे गए थे।
सरकार ने BC-A और BC-B कैटेगरी के नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट की वैधता को लेकर बड़ा फैसला लिया। 23 जुलाई 2024 से पहले जारी सर्टिफिकेट को भी मान्य कर दिया गया है, जिससे HPSC की भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को राहत मिलेगी और पुराने सर्टिफिकेट को लेकर उलझन दूर हो जाएगी।
NCR में प्रदूषण कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ओला-उबर जैसी एप आधारित टैक्सी और फूड व अन्य डिलीवरी कंपनियों को CNG, इलेक्ट्रिक या कम प्रदूषण करने वाले वाहन ही इस्तेमाल करने होंगे। गाड़ियों में सुरक्षा उपकरण और यात्रियों-ड्राइवरों का बीमा अनिवार्य होगा।
BC-A और BC-B के प्रमाण पत्र मान्य होंगे
मीटिंग में BC-A और BC-B कैटेगरी के नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट को लेकर एक जरूरी फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सरकार ने तय किया है कि 23 जुलाई 2024 से पहले जारी किए गए BC-A और BC-B नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट पूरी तरह से माने जाएंगे। 17 नवंबर 2021 के नोटिफिकेशन के हिसाब से साल 2024-25 में जारी किए गए BC-A और BC-B नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट सही माने जाएंगे।
यह फैसला HPSC के 3069 पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) की भर्ती के लिए किया गया है। HPSC ने 23 जुलाई 2024 को एक विज्ञापन निकाला था, जिसमें उम्मीदवारों से नए नियमों के हिसाब से नए सर्टिफिकेट मांगे थे। पुराने सर्टिफिकेट को लेकर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के आवेदन रद्द होने लगे। इस मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कई याचिकाएं भी दायर की गईं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि नई अधिसूचना में केवल क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई है। यानी जो उम्मीदवार पहले नॉन-क्रीमी लेयर में आते थे, वे नए नियमों के तहत भी उसी श्रेणी में बने रहते हैं।
एप बेस्ड टैक्सी-डिलीवरी कंपनियों को CNG-EV व्हीकल यूज करने होंगे
CM ने बताया कि NCR में ओला-उबर जैसी टैक्सी और डिलीवरी करने वाली कंपनियों के लिए नए नियम बनाए गए हैं। 1 जनवरी 2026 से NCR (जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, नूंह) में जो भी टैक्सी या डिलीवरी कंपनियां एप से चलती हैं, वे सिर्फ CNG, इलेक्ट्रिक या कम प्रदूषण करने वाले वाहन ही इस्तेमाल कर पाएंगी। हर गाड़ी में खतरे के समय इस्तेमाल करने वाला पैनिक बटन, GPS, फर्स्ट एड बॉक्स और आग बुझाने वाला यंत्र होना जरूरी है।
गाड़ी में बैठने वाले लोगों (यात्रियों) और गाड़ी चलाने वालों (ड्राइवरों) दोनों का बीमा कराना जरूरी होगा। कंपनियों को हमेशा चालू रहने वाला कॉल सेंटर और शिकायत सुनने और हल करने का सिस्टम बनाना होगा। इससे NCR में प्रदूषण कम होगा, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और ड्राइवरों को बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
सरकारी कर्मचारियों को UPS से NPS में लौटने का मौका
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि जिन सरकारी कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को चुना है, उन्हें एक मौका मिलेगा कि वे फिर से NPS में वापस जा सकें। यह मौका सिर्फ एक बार मिलेगा और रिटायरमेंट से एक साल पहले तक ही इसका फायदा उठाया जा सकेगा। इसका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों पर होगा। कर्मचारियों को यह आजादी मिलेगी कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से बेहतर पेंशन योजना चुन सकें। इससे पेंशन को लेकर जो उलझन है, वह कम हो जाएगी।
अवैध औद्योगिक इकाइयां योग्य हो सकेंगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो औद्योगिक इकाइयां बिना इजाजत के चल रही हैं, उन्हें कानूनी बनाने के नियम में बदलाव किया गया है। नए बदलाव के अनुसार, 10 एकड़ तक के इलाके में कम से कम 50 इकाइयों वाले औद्योगिक क्षेत्र इस योजना के लिए योग्य होंगे। इसके लिए ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए आवेदन किया जा सकेगा। इस फैसले से हजारों उद्योगों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। उन्हें बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा और लोग ज्यादा पैसा लगाएंगे।
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