- अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 7 एजेंडे रखे गए और 6 को मंजूरी दी गई है। बैठक में अग्निवीर पॉलिसी, 2024 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अग्निवीरों के लिए फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों में होरिजेंटल आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है।इस निर्णय का उद्देश्य सुरक्षा से जुड़े पदों में अग्निवीरों के सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और फील्ड अनुभव का बेहतर उपयोग करना है।
2026-27 में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी
एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को मौजूदा ₹11 हजार 257 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹15 हजार 200 प्रतिमाह करने की सिफारिश की है। इस पर शीघ्र ही निर्णय लेकर वर्ष 2026-27 में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी। आज इस घोषणा को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल ने विचार विमर्श कर न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी ₹15 हजार 220 होगी।
रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों में फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाया
सीएम नायब सैनी ने बताया, हमारी सरकार ने वृद्धजनों को सहायता प्रदान करने के लिए रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, टीडीआर नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशो में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में FAR सीमा 2.25 है, जिसे अब बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।
राशन डिपो आवंटन में महिलाओं को 33% आरक्षण
सरकार ने राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण में एसिड अटैक पीड़ितों, महिला स्वयं सहायता समूहों, विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा टारगेटिड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम संशोधन आदेश, 2026 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है।
अब राशन डिपो के नए लाइसेंस 300 राशन कार्डस के बदले 500 राशन कार्ड के ऊपर दिए जाएंगें। डिपो धारक की अधिकतम आयु 60 वर्ष को लिखित आवेदन और अच्छे कार्य के आधार पर 5 वर्ष तक बढ़ाया जाएगा। यदि डिपो धारक की अधिकतम आयु 60 वर्ष या 65 वर्ष से 5 साल पहले निधन होता है तो उसके कानूनी वारिस को डिपो प्रदान किया जा सकता है।
विजेल कॉमन लैंड्स नियम बदले
बैठक में हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) नियम में संशोधन, 1964 में नया नियम 5A जोड़ने को मंजूरी दी गई है। इस नियम के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स को राहत दी जाएगी, जिनके लिए CLU या लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पर्याप्त रास्ता (पैसेज) उपलब्ध नहीं है। नया रास्ता इस शर्त पर निर्धारित किया जाएगा कि – प्रोजेक्ट ∕ लाइसेंस वाले क्षेत्र का 5% या पंचायत द्वारा रास्ते के लिए निर्धारित की गई भूमि के आकार का 4 गुना, जो भी अधिक हो, उसके मालिकाना हक का हस्तांतरण किया जाएगा।
ऐसी हस्तांतरित की गई भूमि प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किए गए क्षेत्र का हिस्सा होगी और पूरी तरह विकसित रूप में तथा बाकी प्रोजेक्ट क्षेत्र में प्रयोग होने वाली जन सुविधाओं तक पहुंच के साथ दी जाएगी।