- टोल छूट के नियम सख्त, जाम से मिलेगी राहत
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर आज से मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) सिस्टम लागू हो गया है। इस सिस्टम के तहत वाहन बिना रुके गुजरेंगे और टोल अपने आप कटेगा। इसके साथ ही टोल छूट के नियमों को लेकर भी सख्ती कर दी गई है। अब केवल नियमों में शामिल चुनिंदा लोगों और वाहनों को ही छूट मिलेगी, जबकि कई पुराने दावों को खत्म कर दिया गया है।
ड्यूटी पर ही मिलेगी छूट, रिटायर्ड कर्मियों को नहीं
जानकारी के मुताबिक, नियमों के अनुसार अब केवल वही सैन्य कर्मी टोल छूट के पात्र होंगे जो ड्यूटी पर होंगे। रिटायर्ड कर्मियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। यदि कोई अधिकारी निजी वाहन में है और वह सरकारी कार्य में उपयोग नहीं हो रहा, तो उसे भी टोल देना होगा। छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति को 1942 के नियमों के अनुसार जारी किया गया वैध पास दिखाना जरूरी होगा। बिना पास के किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी।
16 दिसंबर 2019 को भी जारी हुआ था स्पष्टीकरण
एनएचएआई के जनरल मैनेजर (सीओ) द्वारा 16 दिसंबर 2019 को जारी पत्र में साफ किया गया था कि टोल केवल उन्हीं को माफ होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 (संशोधित 2010 और 2016) में शामिल हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि वकीलों को टोल छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है।
इन लोगों और वाहनों को मिलेगी छूट
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक अपने राज्य में पहचान पत्र के साथ, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, सेना प्रमुख और उच्च अधिकारी, परमवीर चक्र, अशोक चक्र, वीर चक्र जैसे पुरस्कार विजेता शामिल है। इसके साथ ही सरकारी और आपात सेवाएं में ड्यूटी पर सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, अंतिम संस्कार वाहन,एनएचएआई और सरकारी निरीक्षण वाहन शामिल है।
दिव्यांगों के विशेष वाहनों को भी राहत
ऐसे वाहन जो दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से बनाए गए हैं, उन्हें भी टोल शुल्क से छूट दी गई है। बसताड़ा टोल प्लाजा पर लागू होने वाला एमएलएफएफ सिस्टम टोल व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। इसमें वाहन को रुकना नहीं पड़ेगा और कैमरा व सेंसर के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा। इससे जाम की समस्या कम होगी और समय की बचत होगी।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम के साथ नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई वाहन बिना पात्रता के छूट लेने की कोशिश करता है या टोल नहीं भरता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य टोल व्यवस्था को पारदर्शी और तेज बनाना है। नए सिस्टम के साथ छूट के नियम भी स्पष्ट कर दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।