- BS-VI-EV खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार की नई वाहन स्क्रैपेज योजना का सबसे बड़ा असर हरियाणा पर पड़ने वाला है। NCR में शामिल राज्य के 13 जिलों में चल रहे पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इसके बदले वाहन मालिकों को नए BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ब्याज सब्सिडी, टैक्स छूट और अन्य वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।
एक दिन पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में योजना पर मंथन किया जा चुका है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल 3 जून को 9,585 करोड़ रुपए की इस योजना को मंजूरी दे चुका है।
हरियाणा के इन जिलों पर होगा सीधा असर
योजना का लाभ और प्रभाव NCR में शामिल हरियाणा के जिलों पर पड़ेगा। इनमें, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, पलवल, नूंह, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, शामिल हैं। इन जिलों में पंजीकृत पुराने कमर्शियल वाहनों को नई व्यवस्था के तहत बदलना होगा।
कौन-कौन से वाहन होंगे बाहर
नई पॉलिसी के अनुसार, BS-I, BS-II और BS-III श्रेणी के ट्रक और बसों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप करना होगा। BS-IV वाहनों को या तो स्क्रैप करना होगा या NCR क्षेत्र के बाहर स्थानांतरित करना होगा। नए वाहन केवल BS-VI या इलेक्ट्रिक मानकों वाले ही खरीदे जा सकेंगे।
वाहन मालिकों को क्या मिलेगा
सरकार पुराने वाहन हटाने वालों को कई तरह की राहत देगी। नए वाहन के ऋण पर 5 साल तक 5% ब्याज सब्सिडी, हर महीने 4,800 रुपए तक ईंधन वाउचर पंजीकरण शुल्क में छूट, 10 साल तक मोटर वाहन कर में 100% तक राहत, पुराने वाहन का बकाया टैक्स माफ, वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक छूट शामिल है।
यह फैसला क्यों जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने डीजल ट्रक और बसें NCR के प्रदूषण में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। एक पुराना भारी वाहन उतना प्रदूषण फैलाता है जितना लगभग 14 BS-VI ट्रक मिलकर करते हैं। NCR में कुल वाहनों की संख्या में ट्रक और बसों की हिस्सेदारी कम होने के बावजूद ये PM2.5 प्रदूषण का बड़ा स्रोत हैं।
डिजिटल पोर्टल से होगा पूरा काम
योजना के तहत आवेदन, पात्रता जांच, ब्याज सब्सिडी और ईंधन वाउचर जैसी सभी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इसके लिए एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा।
प्रदेश के NCR जिलों में हजारों ट्रक और बस ऑपरेटर इस योजना के दायरे में आएंगे। परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकारी प्रोत्साहन मिलने से पुराने वाहनों को बदलना आसान होगा, वहीं प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।