September 16, 2026
15 sep 18
  • भाई-भाई भारत का संदेश लेकर धर्मशाला से नई दिल्ली की पदयात्रा पर निकले हैं तेसरिंग थारचिन

करनाल ब्रेकिंग न्यूज :  तिब्बत से पैदल भारत भ्रमण पर निकले पदयात्री तेसरिंग थारचिन का दानवीर कर्ण की नगरी करनाल में आत्मीय स्वागत हुआ। महापौर रेणु बाला गुप्ता ने चौधरी कॉलोनी स्थित अपने निवास स्थान पर पहुंचे तेसरिंग थारचिन का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया और उनकी यात्रा के उद्देश्य के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि तेसरिंग थारचिन ‘भाई-भाई भारत’ का संदेश लेकर तिब्बत से भारत की पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। उनके द्वारा साझा किए गए यात्रा संदेश के अनुसार उन्होंने 20 अगस्त 2026 को धर्मशाला से अपनी पदयात्रा शुरू की है और नई दिल्ली तक पैदल पहुंचने का लक्ष्य रखा है। यात्रा के दौरान वे कांगड़ा, अंब, ऊना, मोहाली, पंचकूला, चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और सोनीपत होते हुए दिल्ली जाएंगे।

महापौर रेणु बाला गुप्ता ने मंगलवार को अपने निवास स्थान पहुंचे तेसरिंग थारचिन का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति सदैव शांति, करुणा, मानवता और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के संदेश की पक्षधर रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए भाईचारे और शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का उनका प्रयास सराहनीय है। ऐसी यात्राएं केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का संदेश भी देती हैं।

भाई-भाई भारत का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे

उन्होंने कहा कि करनाल आने वाले प्रत्येक अतिथि का स्वागत यहां की आत्मीय परंपरा का हिस्सा है। विशेष रूप से जब कोई व्यक्ति सद्भाव, शांति और भाईचारे का संदेश लेकर लंबी पदयात्रा कर रहा हो तो उसका उत्साहवर्धन करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने तेसरिंग थारचिन को उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका यह संकल्प सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरा हो तथा ‘भाई-भाई भारत’ का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
क़ाबिल-ए-ग़ौर है कि तेसरिंग थारचिन ने अपने यात्रा संदेश में तिब्बत की परिस्थितियों, वहां की संस्कृति, पहचान और पर्यावरण से जुड़े विषयों को भी उठाया है। उन्होंने अपनी यात्रा को तिब्बती स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि तथा दुनिया और भारत का ध्यान तिब्बत से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करने का प्रयास बताया। इसी दृष्टिकोण के साथ उनके संदेश में तिब्बत के पर्यावरण, नदियों, ग्लेशियरों और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा का आह्वान भी किया गया है।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण भारत सहित पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नदियों, पर्वतीय पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा आने वाली पीढ़ियों के हित से जुड़ा विषय है। उन्होंने तेसरिंग थारचिन के संकल्प की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित यात्रा-पथ की कामना की।

करनाल की आत्मीयता से अभिभूत
करनाल में मिले आत्मीय स्वागत के लिए तेसरिंग थारचिन ने महापौर रेणु बाला गुप्ता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबी पदयात्रा के दौरान अलग-अलग शहरों में लोगों से मिलने और उनका स्नेह प्राप्त करने से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। करनाल में मिले सम्मान और आत्मीयता को वे अपनी यात्रा की सुखद स्मृतियों में संजोकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने ‘भाई-भाई भारत’ और शांति-सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए महापौर का धन्यवाद किया।

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