- गडकरी बोले- 1 घंटा कम लगेगा, 5.5KM एरिया में लैंडस्लाइड का डर खत्म
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : अब मनाली जाना आसान होगा। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर ड्योढ़ और हणोगी में दो टनल आज 11 सितंबर से वाहनों के लिए खोल दिए गए हैं। इससे मनाली जाने वाले पर्यटकों को ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड प्रभावित सड़क से भी बड़ी राहत मिलेगी। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहां घूमने आते हैं।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मंडी-मनाली के बीच पंडोह-टकोली सेक्शन में 2.8 किलोमीटर लंबी ड्योढ़ टनल (T4-01) और 650 मीटर लंबी हणोगी टनल (T4-02) बनाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज शुक्रवार को खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इन टनल के खुलने की जानकारी शेयर की।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सुरंगों के खुलने से सफर करीब 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगा और जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ व हणोगी में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी।
मंडी से कुल्लू में अब 1 घंटा कम लगेगा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दोनों सुरंगों में यातायात शुरू होने की जानकारी दी है। इन सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे रह गया है। NHAI ने इन टनल को विंटर टूरिस्ट सीजन और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा से पहले तैयार किया है।
जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी में ट्रैफिक जाम से छुटकारा
बता दें कि पर्यटन सीजन में जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं। खासकर हणोगी में बार-बार लैंडस्लाइड से हर समय हादसे का खतरा बना रहता था। लैंडस्लाइड के कारण हाईवे कई-कई घंटे बाधित रहता था। इसी तरह पर्यटन सीजन के दौरान रोजाना एक से दो घंटे तक सैकड़ों वाहन ट्रैफिक में फंसते थे।
टूरिस्ट इसी फोरलेन से मनाली पहुंच सकेंगे
कीरतपुर-मनाली मार्ग हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल है। इसी से देशभर के टूरिस्ट मनाली, अटल टनल, मणिकर्ण, रोहतांग, शिंकुला दर्रा, केलांग, लेह-लद्दाख इत्यादि पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में ड्योढ़-हणोगी सुरंगों का शुरू होना पर्यटन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड एरिया से छुटकारा
दोनों सुरंगों के शुरू होने से करीब 5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड एरिया में सफर से राहत मिलेगी। इससे संकरे और घुमावदार मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा।
140 मीटर पुल से जुड़ी हैं दोनों सुरंगें
ड्योढ़ की 2.8 किलोमीटर और हणोगी की 650 मीटर लंबी सुरंगों को खोतीनाला के पास करीब 140 मीटर लंबे और 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है। सुरंगों में CCTV, वेंटिलेशन सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। यातायात शुरू करने से पहले NHAI की ओर से सुरक्षा जांच और ट्रायल रन भी किया गया।
7 सितंबर को किया गया था ट्रायल रन
7 सितंबर को NHAI के मेंबर प्रोजेक्ट्स विपनेश शर्मा ने हणोगी टनल का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने सुरंग की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए थे।
₹4465.94 करोड़ में बन रहा पंडोह-टकोली फोरलेन
ड्योढ़ और हणोगी सुरंगें पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन सेक्शन का हिस्सा हैं। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर लगभग 4465.94 करोड़ रुपए की लागत से काम किया जा रहा है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत सार्वजनिक-निजी कंपनी दोनों मिलकर काम करते हैं।
ड्योढ़ और हणोगी सुरंगों में टनल में CCTV निगरानी, वेंटिलेशन सिस्टम जैसे सुरक्षा इंतजाम भी रखे गए हैं।
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