September 3, 2026
2 sep 20
  • ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था, देवरिया के रहने वाले

करनाल ब्रेकिंग न्यूज :  अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) के नाम का ऐलान कर दिया गया है। बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई। जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था। वह देवरिया के रहने वाले हैं।

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तीसरी बैठक चल रही है। इसमें ट्रस्ट के 3 नए ट्रस्टियों की घोषणा कर दी गई है। पहली बार महिला को भी शामिल किया गया। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और RSS से जुड़ी शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है।

महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के धार्मिक अनुष्ठानों में वह मुख्य यजमान रहे थे। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान भी यजमान रहे।

7 जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। मामले में 8 आरोपी जेल में हैं। इससे पहले 2 जुलाई को हुई बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया था। रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया। वहीं, 26 जुलाई को 9 संतों की धार्मिक समिति बनाई गई थी।

नए ट्रस्टियों के बारे में जानिए-

एडवोकेट मदन मोहन पांडेय- राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े पक्ष की दलीलों में भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके 51 साल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।

महेश भागचंदका- दिल्ली के कारोबारी हैं। अशोक सिंघल फाउंडेशन चलाते हैं। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं, जिनमें ‘अशोक सिंघल : हिंदुत्व के पुरोधा’, ‘बोलती अनुभूतियां’ और ‘श्री राम मंदिर काव्य यात्रा’ प्रमुख हैं।

 

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