- जिला परिषद की चेयरपर्सन प्रवेश राणा के विरूद्ध 17 सदस्यों ने डाले वोट, तथा 2 सदस्यों ने पक्ष में किया मतदान।
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : करनाल जिला परिषद में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जहां चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा की देखरेख में जिला परिषद कार्यालय में फ्लोर टेस्ट कराया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया कि बैठक के लिए कोरम के अनुसार दो-तिहाई सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य होता हैं। जबकि आज की बैठक में जिला परिषद के कुल 25 सदस्यों में से 19 सदस्य उपस्थित रहे जबकि 6 सदस्य गैर हाजिर रहे।
उपायुक्त ने बताया कि बैठक में जिला परिषद के सदस्यों की ओर से रखें गए अविश्वास प्रस्ताव की मतदान प्रक्रिया को अपनाया गया। बैठक में उपस्थित कुल 19 जिला परिषद के सभी सदस्यों को चुनावी प्रक्रिया के लिए बैलेट पेपर उपलब्ध करवाए गए और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। अविश्वास प्रस्ताव के मतदान के दौरान सभी सदस्यों ने स्वेच्छा से चेयरपर्सन के विपक्ष और पक्ष में मतदान किया। मतदान प्रक्रिया के तुरंत बाद मौके पर ही मतो की गणना की गई। मतगणना के परिणाम के अनुसार जिला परिषद की चेयरपर्सन प्रवेश राणा के विरूद्ध 17 सदस्यों ने वोट डालें तथा 2 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही प्रवेश राणा को पद से हटा दिया गया है। अब नए चेयरपर्सन की नियुक्ति तक वाइस चेयरमैन को कार्यकारी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फ्लोर टेस्ट में आए परिणाम
उप-चेयरपर्सन रीना देवी के प्रतिनिधि धीरज खरकाली ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 17 वोट पड़े हैं, जिससे यह प्रस्ताव सफलतापूर्वक पारित हो गया। उन्होंने कहा कि पार्षद लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने से परेशान थे।
जनता लगातार पार्षदों से जवाब मांग रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र उड़ाना और पार्षद विनोद कश्यप ने बताया कि करीब 6-7 महीने पहले ही अविश्वास प्रस्ताव की मांग की गई थी, जिसका आज फ्लोर टेस्ट हुआ। इसमें चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ स्पष्ट बहुमत सामने आया और उन्हें पद से हटा दिया गया।
विकास कार्यों में देरी और भेदभाव के आरोप
पार्षदों का कहना है कि साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद उनके वार्डों में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ। कई बार स्थिति सुधारने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। विनोद कश्यप ने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन द्वारा ग्रांट का वितरण जाति के आधार पर किया गया, जिससे पार्षदों में भारी नाराजगी थी।
जिला परिषद के सीईओ अमित कुमार ने जानकारी दी कि फ्लोर टेस्ट में 17 वोट चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ और 2 वोट उनके पक्ष में पड़े। अब जब तक नए चेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वाइस चेयरपर्सन ही कार्यकारी चेयरमैन के रूप में कार्य करेंगी। पार्षदों ने कहा कि अब बचे हुए करीब सवा साल में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
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