योग शिक्षिका स्वदेश मदान ने कहा कि मानव शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है

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करनाल। योग कक्षा सेक्टर 12 फव्वारा पार्क में योग और प्राणायाम करवाते हुए योग शिक्षिका स्वदेश मदान ने कहा कि मानव शरीर को स्वस्थ रखना क्यों जरूरी है इसकी देखभाल करनी क्यों जरूरी है।

प्राणायाम और योगिंग क्रियाएं मानव के लिए क्यों जरूरी हैं, क्योंकि मानव योनि ही एक ऐसा माध्यम है, जिसमें रहकर हम मन चाहे उद्देश्य की उपलब्धियां प्राप्त कर सकते है। जलचर, नभचर, छल चर वनस्पति वर्ग में सबसे श्रेष्ठतम मानव शरीर है।

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इसी शरीर के द्वारा आत्मा का परमात्मा से मिलन संभव है। इसी शरीर के रहते हम डाक्टर, इंंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, संत, महात्मा, योद्धा बन सकते हैं। इसी मानव तन को पाकर शिवा छत्रपति शिवाजी बन सकते हैं। इसी से मामूली सा बालक गदाधर समय पा कर स्वामी राम कृष्ण परमहंस बन गए और राम स्वामी राम तीर्थ हो गए अर्थात इतना आमुल्य जब मानव शरीर है तो इसकी देखभाल करना इसके स्वास्थ्य की रक्षा करना हम सबका परम कर्तव्य है।

यह योग और प्राणायाम के नित्य अभ्यास से संभव है। इससे पहले मुख्य शिक्षक दिनेश गुलाटी ने जोगिंग योगिंग, आसन और सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाया। इस अवसर पर योग शिक्षक सुरिंद्र नारंग, नवीन संदूजा, डा. पवन शर्मा, आईडी मदान, अंजु गुप्ता, राघव सिंगला व शिखा गर्ग मौजूद रहे।


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