द मिलेनियम स्कूल करनाल में आयोजित की गई स्किललीशियस पर कार्यशाला

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द मिलेनियम स्कूल करनाल में स्किललीशियस पर भारत की सबसे बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया गया। तीन से 12 साल के बच्चो के लिए यह कार्यशाला अत्यंत महत्त्वपूर्ण रही।  मुख्य अतिथि के रूप में करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता व गणमान्य अतिथि के रूप में स्कूल के चैयरमैन कुणाल भादू जी ने शिरकत की। उनका स्वागत प्रधानाचार्या कल्पना लाठर ने फूलों का गुच्छा भेंट करके किया । इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को 21वीं शताब्दी में वांछित विभिन्न कौशलों से अवगत कराना रहा।

बताया गया कि किस प्रकार से विभिन्न कौशलों को आने वाले सत्र में पाठ्यक्रम के साथ एकीकृत करना है ताकि बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को खेल ही खेल निखारा जा सके।  कार्यशाला में इकिगाई, रोबोटिक्स, ब्राडकास्ंिटग, थ्री- डी पेंटिंग, फोटोग्राफी,  स्टॉप मोशन एनीमेशन, कुकिंग, गणित माला, कारपेन्टरी,होम स्किल, एक्सोटिक आर्ट,कढ़ाई व सिलाई,पॉटरी,सेल्फ डिफेंस,फयूचर फिट जूम्बा,क्ले मोडलिंग  और फस्र्ट ऐड आदि कौशलों के बारे में  गतिविधियों के माध्यम से  बताया  गया।

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कार्यशाला में बच्चों को किस तरह से आप अपना काम स्वयं कर सकते हो यह बताया गया जिसका उद्देश्य बच्चों के अंदर हैंड और आई कोर्डिनेशन स्किल व जीवन मूल्यों तथा परिवार व दूसरों की सहायता करने की भावना को उजागर करना रहा। बच्चों को ओरल हाइजिन के बारे में भी बताया गया जिसके अंदर दाँतों को साफ करना क्यों जरूरी है, दाँत ना साफ करने से क्या- क्या दिक्कत हो सकती है तथा हमें क्या खाना चाहिए ताकि हमारे दाँत सही रहे यह बताया गया।

कार्यशाला में कारपेन्टरी के द्वारा बच्चों को विभिन्न आकृतियों, पैन होल्डर, शेपस, छोटे-छोटे बॉक्स, कूर्सी- मेज आदि बनाना सिखाया। फयूचर फिट जूम्बा  व म्यूजिक में भी बच्चों ने आनंद के साथ-साथ हैंड और आई कोर्डिनेशन, मूड को परिवर्तित करना, आत्मविशवास आदि स्किल को उजागर किया।

मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कार्यशाला के अंतर्गत हुई सभी गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है अगर बच्चों के व्यक्तित्व का विकास करना है तो इस तरह की शिक्षा अनिवार्य है।  इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन कुणाल भादू ने कहा कि हम कार्यशाला में दिखाई गई सभी गतिविधियों को बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए कक्षा में प्रयोग करेंगें व हम नई तरह की शिक्षा प्रणाली का उदाहरण बनेंगे।

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