महिला पुलिसकर्मी किरण की सुझबुझ से ढ़ाई साल का मासुम सुरक्षित पहुंचा परिजनों के पास

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पुलिस अधीक्षक कार्यालय करनाल में तैनात महिला सिपाही किरण जैसे ही सुबह अपनी डयुटी पर पहुंची, तो उसने देखा कि लघु-सचिवालय के प्रांगण में एक छोटा सा बच्चा रो रहा था। उसने वहां मेन गेट पर तैनात होमगार्ड के एक जवान से उस बच्चे के संबंध में पूछा जिसने कहा कि उसे बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

इसके बाद दोनों ने आस-पास उसके वारीसान की तलाष की, लेकिन वहां कोई भी मौजुद नहीं था। महिला सिपाही द्वारा बच्चों प्यार करते हुए उसे बहला कर चुप करवाया गया व उसके माता-पिता के बारे में पूछा तो वह बताने में असमर्थ साबित हुआ।

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जिसपर सिपाही किरण द्वारा सोषल मिडिया का सहारा लिया गया और उसने सोषल मिडिया पर बहुचर्चीत करनाल के न्युज चैनल का सहारा लिया व उस बच्चे संबंध में लाईव कवरेज करवाई। उसने स्वयं भी व्टसप के माध्यम से करनाल पुलिस व करनाल के कई अन्य ग्रुपों में बच्चे के संबंध न्युज डाली।

इसके बाद उसने सै0-13 चैंकी प्रभारी ए.एस.आई. जितेन्द्र सिंह को भी बच्चे के संबंध में सुचना दी व उस बच्चे को साथ लेकर सै0-13 चैंकी में पहुंच गई।

बहुत कम समय में ही महिला सिपाही किरण के अथक प्रयास कामयाबी में बदल गए और उस बच्चे के परिजन सोषल मिडिया पर अपने बच्चे को देखकर दौड़कर सै0-13 चैंकी पहुंचें। जहां से पुलिस द्वारा प्राथमिक पुछताछ करके बच्चे को उसके परिजनों के हवाले किया गया। बच्चे के परिजनों ने सै0-13 चैंकी प्रभारी व महिला सिपाही किरण का दिल से धन्यवाद किया।

महिला सिपाही द्वारा सोषल मिडिया पर इस न्युज को चलाने वाले न्युज चैनल व इस खबर को सांझा करने वाले सभी सोषल मिडिया चलाने वालों का धन्यवाद किया। उसने कहा कि उसका मकस्द केवल छोटे बच्चे हरदेव को उसके माता-पिता से मिलाना था और हरदेव के माता-पिता के मिलने से वह भी बहुत खुष है।

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