डेढ़ साल से गुमशुदा बच्चे को राज्य अपराध शाखा की टीम ने परिजनों से मिलवाया।

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राज्य अपराध शाखा मधुबन की टीम ने करीब डेढ़ साल पहले रेलवे स्टेशन पर माता-पिता से बिछड़े एक नाबालिग को उसके परिजनों से मिलवाया। बाल कल्याण समिति के कार्यालय मे राज्य अपराध शाखा मधुबन के टीम इंचार्ज उप निरीक्षक मनवीर सिंह ने बताया कि 9 अक्टूबर 2017 को एक नाबालिग बच्चा जी आर पी करनाल को करनाल रेलवे स्टेशन पर लावारिश हालत मे मिला था।

बच्चे को बाल कल्याण समिति के माध्यम से बाल आश्रम करनाल मे रखा गया था। राज्य अपराध शाखा की टीम ने बच्चे से काउंसलिंग करके उसका पता पूछा तो बच्चे ने अपना नाम कोलेशनाथ उर्फ़ गोपाल तथा पिता का नाम सोमपाल और घर का पता पश्चिम बंगाल बताया। राज्य अपराध शाखा की टीम ने बच्चे के द्वारा बताए गए पते पर संपर्क किया तो बच्चे का स्थाई पता कृष्णा काल़़ोनी ऋषिकेश जिला देहरादून उत्तराखंड पता चला।

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टीम द्वारा बच्चे के पिता सोमपाल से सम्पर्क साधकर उनके गुमशुदा बच्चे बारे बताया। आज दिनांक 15 जनवरी 2019 दिन मंगलवार को बच्चे के माता पिता को जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय में बुलाकर बाल कल्याण समिति के माध्यम से बच्चे को माता पिता को सौंपा गया। इस मौका पर राज्य अपराध शाखा के ए एस आई नरेश कुमार , ए एस आई कमल किशोर , हैड कांस्टेबल विनोद कुमार , हैड कांस्टेबल विमल कुमार , बाल कल्याण समिति करनाल से सीमा राणा , किरण व सुमन रानी मौजूद रही।

बच्चे से मिलकर मां के निकल पड़े आंसू।

मंगलवार को बाल कल्याण समिति में करीब डेढ़ साल बाद माँ सन्तोष ने जब अपने बच्चे को देखा तो खुशी के मारे उसके आंसू निकल पड़े। मां अपने बच्चे से लिपट कर रोने लगी। बच्चा कोलेशनाथ भी माँ से लिपटकर रोने लगा।

पिता ने जताया पुलिस टीम का आभार। 

ऋषिकेश उत्तराखंड से आए बच्चे के पिता सोमपाल ने बताया कि अक्टूबर 2017 को वह अपने परिवार सहित पश्चिमी बंगाल से ऋषिकेश के लिए ट्रेन से आ रहा था। अंबाला रेलवे स्टेशन पर उनका बच्चा लोकेश नाथ उनसे बिछड़ गया। इस बारे उन्होंने पुलिस को भी सूचित किया था तथा अपने तौर पर हरियाणा , पंजाब , यूपी सब जगह छानबीन की लेकिन बच्चे बारे कुछ पता नहीं चला। वह तो हार कर बैठ चुके थे।

उन्होंने राज्य अपराध शाखा मधुबन की टीम का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनके बिछड़े बच्चे से मिलाकर पुण्य का काम किया है। वह तो यह सोचकर घर बैठ गए थे कि अब उनके बच्चे का मिलना मुश्किल है लेकिन हरियाणा पुलिस की इस टीम ने भगवान के रूप मे आकर उन्हें उनके बच्चे से मिलवाया है


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